हिस्सा चोरी और चुनावी इंजीनियरिंग: महिला बिल पर राहुल गांधी के तीखे तेवर

हिस्सा चोरी और चुनावी इंजीनियरिंग: महिला बिल पर राहुल गांधी के तीखे तेवर

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला रिज़र्वेशन और डिलिमिटेशन पर कहा, “पहला सच तो यह है कि यह महिलाओं का बिल नहीं है। इसका महिलाओं के एम्पावरमेंट से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश है

उनकी मुख्य बातों और पूरी खबर का सारांश नीचे दिया गया है:

1. “यह महिलाओं का बिल नहीं, शक्ति कब्जाने की कोशिश है”
राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार द्वारा लाया गया नया प्रस्ताव (संविधान का 131वां संशोधन बिल, 2026) वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं है। उन्होंने इसे “सत्ता हथियाने” (Power Grab) और “चुनावी नक़्शे को बदलने” की एक कोशिश बताया। उनका तर्क है कि महिला आरक्षण तो 2023 में ही पास हो चुका है, तो अब नए बिल की क्या ज़रूरत है?

2. परिसीमन (Delimitation) पर आपत्ति
राहुल गांधी ने परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव को “खतरनाक” बताया। उन्होंने इसके पीछे दो मुख्य खतरे गिनाए:

राज्यों के साथ भेदभाव: उन्होंने आरोप लगाया कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों, पूर्वोत्तर के राज्यों और छोटे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसे उन्होंने “राष्ट्रविरोधी” (Anti-national) गतिविधि करार दिया।

उन्होंने कहा कि सरकार अपने राजनीतिक फायदे के लिए चुनावी क्षेत्रों की सीमाओं को फिर से निर्धारित करना चाहती है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला आरक्षण (Women’s Reservation) और परिसीमन (Delimitation) को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने संसद के विशेष सत्र और सोशल मीडिया के जरिए इस मुद्दे पर अपनी बात रखी।

1. “यह महिलाओं का बिल नहीं, शक्ति कब्जाने की कोशिश है”

राहुल गांधी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकार द्वारा लाया गया नया प्रस्ताव (संविधान का 131वां संशोधन बिल, 2026) वास्तव में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नहीं है। उन्होंने इसे “सत्ता हथियाने” (Power Grab) और “चुनावी नक़्शे को बदलने” की एक कोशिश बताया। उनका तर्क है कि महिला आरक्षण तो 2023 में ही पास हो चुका है, तो अब नए बिल की क्या ज़रूरत है?

2. परिसीमन (Delimitation) पर आपत्ति

राहुल गांधी ने परिसीमन के जरिए लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर 850 करने के प्रस्ताव को “खतरनाक” बताया। उन्होंने इसके पीछे दो मुख्य खतरे गिनाए:

राज्यों के साथ भेदभाव: उन्होंने आरोप लगाया कि इससे दक्षिण भारतीय राज्यों, पूर्वोत्तर के राज्यों और छोटे राज्यों का प्रतिनिधित्व कम हो जाएगा, जिसे उन्होंने “राष्ट्रविरोधी” (Anti-national) गतिविधि करार दिया।

3. “हिस्सा चोरी” और जाति जनगणना की मांग

राहुल गांधी ने इस पूरी प्रक्रिया को पिछड़ों के हक पर डाका बताया। उनका कहना है कि सरकार 2011 की पुरानी जनगणना का उपयोग करना चाहती है, जिसमें OBC का डेटा नहीं है।

उन्होंने मांग की कि आरक्षण को जाति जनगणना (Caste Census) से जोड़ा जाए ताकि OBC, दलित और आदिवासी महिलाओं को उनका सही हक (Quota within Quota) मिल सके। उन्होंने इसे “हिस्सा चोरी” का नाम दिया।

4. विपक्ष का स्टैंड

समर्थन और विरोध: कांग्रेस और विपक्षी दलों का कहना है कि वे महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि इसे लागू करने के “तरीके” और उसे “परिसीमन” से जोड़ने के खिलाफ हैं।

राहुल गांधी का तर्क है कि अगर सरकार गंभीर है, तो महिला आरक्षण को 2029 के चुनावों से ही मौजूदा 543 सीटों पर लागू किया जाए, न कि सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन का इंतजार किया जाए।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।