नीतीश कुमार की रैली पर शिवानंद का बड़ा दावा: लालू यादव के बयान को बताया सफ़ेद झूठ
नई दिल्ली: आरजेडी (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के पूर्व करीबी और वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने उनके एक पुराने दावे को पूरी तरह झूठा बताते हुए उन पर निशाना साधा है। शिवानंद तिवारी ने सोशल मीडिया पर साल 2015 के एक इंटरव्यू का हवाला देते हुए लिखा कि लालू यादव का यह दवा बिल्कुल गलत है कि उन्होंने नीतीश कुमार को कुर्मी चेतना रैली में भेजा था।
पूर्व राजयसभा सांसद ने साफ़ किया की वह खुद नीतीश कुमार को अपने साथ गाँधी मैदान लेकर गए थे और इतना बड़ा झूट सिर्फ लालू यादव ही बोल सकते है।
वरिष्ठ समाजवादी नेता शिवानंद तिवारी ने एक पोस्ट में दावा किया है कि कुर्मी चेतना रैली के दिन नीतीश कुमार उन्हें साथ लेकर लालू यादव से मिलने गए थे और उस समय गाड़ी वही चला रहे थे।
शिवानंद तिवारी ने दावा किया
उनके मुताबिक, लालू यादव नहीं चाहते थे कि नीतीश कुमार इस रैली में जाएं, इसलिए उन्होंने सीधे मना करने के बजाय अपने पुराने अनुभवों का हवाला देकर उन्हें बहुत चालाकी से हतोत्साहित करने की कोशिश की थी।
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इसके बाद जब वे नीतीश कुमार के फ्लैट पर पहुंचे, तो नीतीश काफी पशोपेश में थे और रैली की सफलता को लेकर संकोच में थे। शिवानंद तिवारी के यह कहने पर कि “जनता गांधी मैदान में और नेता घर में! इसका क्या मतलब है?”, नीतीश तुरंत चलने को तैयार हो गए और दोनों उसी गाड़ी से गांधी मैदान पहुंचे।
वहां मंच के पीछे गाड़ी रोके जाने के दौरान भोला बाबू का भाषण चल रहा था, जिसमें उस वक्त विरोध जताते हुए यह कहा जा रहा था कि “नीतीश कुमार का नाम लेना पाप है, पाप है, पाप है।”
शिवानंद तिवारी ने फेसबुक पोस्ट में दावा किया कि रैली के मंच पर पहुंचते ही नीतीश कुमार ने पूरी महफ़िल लूट ली थी, जिसके बाद वह कुर्मी समाज के सबसे बड़े नेता और पिछडो की राजनीती के मुख्य केंद्र बन गए। उन्होंने अपने खुद के अनुभव के आधार पर कहा की उस ऐतिहासिक रैली में नीतीश कुमार के जाने की असली कहानी बिलकुल अलग थी जबकि लालू यादव इसके बारे में सरासर झूट बोल रहे है।
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