श्रुति हासन ने AI डीपफेक-नकली विज्ञापनों के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट याचिका दायर की

श्रुति हासन ने AI डीपफेक-नकली विज्ञापनों के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट याचिका दायर की

श्रुति हासन ने AI डीपफेक और नकली विज्ञापनों के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर की

 

नई दिल्ली: प्रसिद्ध अभिनेत्री श्रुति हासन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दुरुपयोग और अपनी अनुमति के बिना बनाए जा रहे डीपफेक व नकली विज्ञापनों (फेक एड्स) के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और इस संबंध में एक याचिका दायर की है।

हाल के दिनों में तकनीकी उन्नति के साथ सेलिब्रिटीज की डिजिटल पहचान और उनकी छवियों का गलत इस्तेमाल करने के मामलों में काफी तेजी आई है, जिसके चलते कई जाने-माने कलाकारों ने अपनी प्राइवेसी और अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।

इसी कड़ी में श्रुति हासन ने भी अपनी छवि, नाम और व्यक्तित्व के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग पर रोक लगाने की मांग को लेकर अदालत में यह कानूनी गुहार लगाई है।

एआई के बढ़ते खतरे और तकनीकी प्रगति के इस दौर में डिजिटल सुरक्षा केवल एक व्यक्तिगत मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह फिल्म इंडस्ट्री और सेलिब्रिटीज के लिए एक बड़ा कानूनी संकट बनता जा रहा है।

श्रुति हासन से पहले भी कई अन्य नामचीन कलाकारों ने अपनी अनुमति के बिना एआई जनरेटेड कंटेंट, वॉयस क्लोनिंग और उनकी लोकप्रियता का व्यावसायिक लाभ उठाने वाली फर्जी कंपनियों के खिलाफ आवाज उठाई है।

कई बड़े सितारों ने अदालतों से अपने नाम, छवि और व्यक्तित्व के व्यावसायिक उपयोग पर रोक (पर्सनालिटी राइट्स) के लिए विशेष आदेश भी हासिल किए हैं।

जानकारों का मानना है कि इस तरह के कड़े कानूनी कदमों से डिजिटल धोखाधड़ी और अनधिकृत विज्ञापनों पर लगाम कसने में मदद मिलेगी, साथ ही यह मनोरंजन जगत के कलाकारों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा के लिए एक जरूरी मिसाल भी पेश करता है।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।