सोनिया गांधी का बयान: मनमोहन सिंह को एक प्रभावशाली प्रधानमंत्री के रूप में याद रखेगा इतिहास
सोनिया गांधी ने कहा कि डॉ. सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग है
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में क्लीन चिट दिए जाने पर कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ‘इंडियन एक्सप्रेस’ में प्रकाशित अपने लेख में उन्होंने कहा कि यह फैसला मनमोहन सिंह के खिलाफ चलाया गया एक सुनियोजित और बदले की भावना से प्रेरित अभियान का अंत है, जिसमें नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका और बीजेपी-आरएसएस के लोग शामिल थे।
सोनिया गांधी ने कहा कि डॉ. सिंह की ईमानदारी और जवाबदेही का रिकॉर्ड नरेंद्र मोदी सरकार के काम करने के तरीके से बिल्कुल अलग है, जहां ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर राजनेताओं पर दबाव बनाया जाता है या उन्हें पार्टी बदलकर क्लीन चिट दे दी जाती है।
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कांग्रेस नेता ने मनमोहन सिंह पर साधा निशाना
सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि 8 फरवरी 2017 को राज्यसभा में मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई उनकी ‘रेनकोट पहनकर नहाने’ जैसी आपत्तिजनक टिप्पणी भारतीय संसदीय इतिहास का सबसे निचला दौर थी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चूंकि मोदी इन दिनों उनके खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों को ‘माफ’ कर रहे हैं, इसलिए शायद वह इस मौके का इस्तेमाल मनमोहन सिंह के खिलाफ की गई अपनी अपमानजनक बदनामी के लिए खुद को माफ करने में कर सकते हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मनमोहन सिंह पर निशाना साधने का मुख्य मकसद उनकी शानदार शासन व्यवस्था से लोगों का ध्यान भटकाना था। उन्होंने यूपीए सरकार की उपलब्धियों को याद करते हुए कहा कि उनके कार्यकाल में अभूतपूर्व आर्थिक विकास हुआ, 2008 के वैश्विक आर्थिक संकट के दौरान देश की अर्थव्यवस्था मजबूत रही, और लाखों लोग गरीबी रेखा से बाहर आए। इसके अलावा, शिक्षा का अधिकार, उच्च शिक्षा में ओबीसी आरक्षण, वन अधिकार कानून और मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजनाएं लागू की गईं, जिन्हें उन्होंने देश के विकास में मील का पत्थर बताया।
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