सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरक़ार को निर्देश दिया है कि जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान पैलेट गन से घायल हुए सभी लोगो को तुरंत बेहतर और समुचित चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार को निर्देश दिया है कि छात्र आंदोलन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन से घायल हुए लोगों का बेहतर और समुचित इलाज कराया जाए।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने यह महत्वपूर्ण आदेश देते हुए कहा कि दिल्ली सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान चोटिल हुए सभी नागरिकों और विशेषकर उन लोगों का विशेष ध्यान रखा जाए, जिन्हें पुलिस कार्रवाई के दौरान पैलेट गन से गंभीर चोटें आई हैं।
न्यायालय ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया कि घायल व्यक्तियों के इलाज में किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरती जानी चाहिए और उन्हें तुरंत आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। यह मामला पिछले दिनों हुए उन छात्र प्रदर्शनों से जुड़ा है, जिनमें प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला था।
अदालत के इस हस्तक्षेप से घायलों को राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, क्योंकि विभिन्न संगठनों और पीड़ित परिवारों द्वारा लगातार घायलों के समुचित इलाज और मुआवजे की मांग उठाई जा रही थी।
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संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं