सुप्रीम कोर्ट ने बंद की टीएमसी की याचिका, कहा-हाईकोर्ट के सामने रखें अपनी बात

सुप्रीम कोर्ट ने बंद की टीएमसी की याचिका, कहा-हाईकोर्ट के सामने रखें अपनी बात

नई दिल्ली: कोलकाता के कैमक स्ट्रीट में टीएमसी TMC दफ्तर से अवैध साइनबोर्ड हटाए जाने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। दरअसल हाईकोर्ट ने इस मामले में टीएमसी को कोई तुरंत राहत देने से इनकार कर दिया था।

जिसके खिलाफ पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में सीधे दखल देने से मना कर दिया। कोर्ट ने टीएमसी को अपनी सभी दलीलें हाईकोर्ट के सामने रखने को कहा है।

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि जिस बोर्ड को नगर निगम पहले ही हटा चुका है। उस पर टीएमसी को अदालत से क्या राहत मिल पाएगी।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने टीएमसी (TMC) से कहा कि साइनबोर्ड हटाने से जुड़ी अपनी सभी बातें कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने रखें।

पीठ में न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना भी शामिल थे। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को अपनी-अपनी दलीलें हाईकोर्ट में रखने की छूट दी और सुप्रीम कोर्ट ने TMC की याचिका को बंद कर दिया है।

साथ ही हाईकोर्ट से कहा है कि वह सभी पक्षों की बातों को सुनकर इस मामले पर जल्द से जल्द फैसला सुनाए।

टीएमसी TMC अपने दफ्तर से साइनबोर्ड हटाए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। पार्टी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें तुरंत कोई राहत (अंतरिम राहत) देने से मना कर दिया गया था।

साइनबोर्ड हटाने को लेकर विवाद क्या है

विवाद उस कथित तौर पर अनधिकृत साइनबोर्ड को लेकर है, जिस पर टीएमसी का चिन्ह लगा था। कोलकाता नगर निगम ने पुलिस की मदद से कैमक स्ट्रीट स्थित इमारत से इस बोर्ड को हटाया था।

टीएमसी ने इस कार्रवाई को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया। पार्टी की ओर से मामले में राहत की मांग की गई थी, लेकिन हाईकोर्ट ने तत्काल रोक लगाने का आदेश नहीं दिया।

जज राजा बसु चौधरी ने साफ कहा था कि जब नगर निगम साइनबोर्ड को पहले ही हटा चुका है, तो अब उस कार्रवाई पर रोक लगाने का कोई मतलब नहीं रह जाता।

हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद टीएमसी सुप्रीम कोर्ट पहुंची। लेकिन शीर्ष अदालत ने भी तुरंत कोई फैसला देने के बजाय पार्टी से कहा कि वे अपनी सभी बातें वापस हाईकोर्ट के सामने ही रखें।

अब इस मामले में आगे क्या होगा

सुप्रीम कोर्ट के सोमवार के आदेश के बाद टीएमसी और मामले से जुड़े दूसरे पक्ष अपनी सभी दलीलें कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने रख सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से इन दलीलों पर जल्द फैसला करने को कहा है।

फिलहाल साइनबोर्ड हटाया जा चुका है और शीर्ष अदालत ने उसे वापस लगाने या कार्रवाई पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है। अब इस विवाद में अगली बड़ी भूमिका कलकत्ता हाईकोर्ट की होगी।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब टीएमसी और दूसरा पक्ष अपनी सारी बातें कलकत्ता हाईकोर्ट के सामने रखेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से इन दलीलों पर जल्द फैसला करने को कहा है।

फिलहाल नगर निगम द्वारा साइनबोर्ड को हटाया जा चुका है फिलहाल नगर निगम द्वारा साइनबोर्ड को हटाया जा चुका है और सुप्रीम कोर्ट ने उसे दोबारा लगाने या नगर निगम की कार्रवाई पर रोक लगाने का कोई आदेश नहीं दिया है। इसलिए अब इस पूरे विवाद में आगे का फैसला कलकत्ता हाईकोर्ट ही करेगा।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।