नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 21 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की याचिका पर तुरंत सुनवाई करने के लिए राजी हो गया है।
तृणमूल कांग्रेस TMC के दो विरोधी गुटों के बीच चल रहे अंदरूनी विवाद के कारण चुनाव आयोग ने पार्टी के नाम और उसके आधिकारिक चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगा दी है। ममता बनर्जी ने आयोग के इसी फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।
कपिल सिब्बल ने रखी मामले की गंभीरता
वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने इस मामले को मुख्य रूप से रखा।
उन्होंने अदालत से पुरजोर अपील की कि मामले की गंभीरता और नाजुक स्थिति को देखते हुए इस पर जल्द से जल्द सुनवाई शुरू की जाए।
अदालत में अपनी बात रखते हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा, “वे चुनाव के बीच में ही अचानक एक नया नोटिस जारी कर देते हैं और पार्टी के चुनाव चिह्न के इस्तेमाल पर रोक लगा देते हैं।
यह आखिर क्या चल रहा है” उन्होंने चुनाव आयोग की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इस गंभीर मुद्दे पर तुरंत सुनवाई करने की मांग की, जिसके बाद अदालत उनकी बात सुनते हुए मामले पर विचार करने के लिए तैयार हो गई।
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मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।