नई दिल्ली: तहलका पत्रिका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए गोवा की मापुसा अदालत के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। दुष्कर्म के मामले में दोषी पाए जाने के बाद देश की सर्वोच्च अदालत ने उन्हे सरेंडर करने के लिए तीन हफ्ते का समय दिया था।
साथ ही कोर्ट ने उन्हे आत्मसम्पर्ण का प्रमाणित सर्टिफिकेट भी जमा करने का निर्देश दिया था, जिसके तहत उन्होंने तय समय सीमा के भीतर यह क़ानूनी प्रक्रिया पूरी की है।
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली तरुण तेजपाल की अपील पर सुनवाई का रास्ता साफ कर दिया है जिसके तहत उन्हें दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराते हुए 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी, और अदालत ने संकेत दिया है।
कि यदि तेजपाल तीन सप्ताह के भीतर निर्धारित समयसीमा के भीतर संबंधित अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण कर उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर देते हैं, तो उनकी इस अपील को आगामी 22 सितंबर को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।
इस फैसले के खिलाफ तेजपाल ने रहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटया और अपील दायर की। अब अदालत के आदेश के मुताबिक उनके आत्मसम्पर्ण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही देश की सबसे बड़ी अदालत में उनकी इस याचिका पर आगे की क़ानूनी सुनवाई शुरू हो सकेगी।
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संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं