भारत-चीन रिश्तों में जमी बर्फ पिघली: टूरिस्ट वीजा सेवा बहाल
नई दिल्ली: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में हुई सैन्य झड़प के बाद दोनों देशों के बीच पैदा हुई “बर्फीली खामोशी” अब खत्म होती दिख रही है। भारत सरकार ने चीनी नागरिकों के लिए नियमित पर्यटक वीजा फिर से जारी करने का फैसला किया है।
भारत सरकार ने विशेष रूप से बौद्ध तीर्थयात्रियों और चीनी राजनयिकों के परिजनों के लिए वीजा नियमों में ढील दी है, ताकि सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सके। हालांकि नियमित वीजा शुरू हो गए हैं, लेकिन ई-वीजा की सुविधा चीनी नागरिकों के लिए अभी भी निलंबित है। आवेदकों को फिजिकल डॉक्यूमेंट्स के साथ दूतावास में आवेदन करना होगा।
यह कदम दोनों देशों के बीच संबंधों में धीरे-धीरे आ रही नरमी के बीच उठाया गया है। हाल ही में भारत और चीन ने सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने का फैसला किया है। इसके साथ ही लंबे समय से रुकी हुई कैलाश मानसरोवर यात्रा को भी दोबारा बहाल कर दिया गया है। नए वीजा नियम मुख्य चीन, हांगकांग और मकाऊ से आने वाले यात्रियों पर लागू होंगे।
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सरकार का यह फैसला पर्यटन, व्यापार और लोगों के बीच आपसी मेलजोल को फिर से बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों से दोनों देशों के बीच तनाव की वजह से ये गतिविधियां रुकी हुई थीं। हालांकि वीजा देने के लिए सामान्य प्रक्रियाओं का पालन होगा, लेकिन सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए कुछ पाबंदियां अब भी लागू रहेंगी।
जानकारों का मानना है कि इस फैसले से दोनों देशों के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत होंगे। व्यापारिक समुदाय ने भी इस कदम का स्वागत किया है। फिलहाल दोनों देश अब धीरे-धीरे अपने पुराने मतभेदों को पीछे छोड़कर सहयोग की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
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