टीएमसी का समर्थन: ‘भाजपा इतिहास और शिक्षा बदलना चाहती है’
संसद में पेपर लीक और राजनीतिक बयानों पर घमासान के बीच टीएमसी सांसदों ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए विपक्ष के रुख का समर्थन किया और सरकार को घेरा
नई दिल्ली: संसद में पेपर लीक से जुड़े विधेयक पर हुई चर्चा, कांग्रेस नेता राहुल गांधी की केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी पर टिप्पणी, सरकार के जश्न और ‘वंदे मातरम’ विधेयक विवाद पर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद सौगत रॉय ने अपनी प्रतिक्रिया दी।
वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के वीडी सावरकर और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर दिए गए बयानों पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भी अपनी राय रखी।
संसद में पेपर लीक के मुद्दे पर करीब नौ घंटे चली चर्चा को लेकर सौगत रॉय ने आईएएनएस से कहा कि विपक्ष ने अपनी बात प्रभावी ढंग से रखी और जोरदार विरोध दर्ज कराया।
उन्होंने कहा कि परीक्षाएं कराने में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की नाकामी और प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कथित ज्यादतियों के सवाल उठाए गए।
उन्होंने प्रियंका गांधी के हवाले से कहा कि प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल बदलने के बजाय अपने दिल का नजरिया बदलना चाहिए।
उनके अनुसार यह एक अच्छी बहस रही, जिसमें सत्ता पक्ष अपनी बात प्रभावी ढंग से नहीं रख सका।
इसे भी पढ़ें: ‘गदर’ के सेट पर रो पड़े थे क्रू मेंबर्स, निर्देशक अनिल शर्मा ने अमीषा पटेल को दिया खास सरप्राइज
सीबीआई द्वारा नीट पेपर मामले में चार्जशीट दाखिल किए जाने पर सौगत रॉय ने कहा कि यह साफ है कि पेपर लीक पुणे से शुरू हुआ, जहां से कनेक्शन राजस्थान के सीकर पहुंचा और फिर पूरे देश में फैल गया।
अब यह सामने आ जाएगा कि इसके लिए असल में कौन जिम्मेदार है।
राहुल गांधी द्वारा प्रह्लाद जोशी को लेकर दिए गए बयान पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने बिल्किस बानो मामले में रिहा किए गए लोगों का मुद्दा उठाया और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस मामले में दोषी ठहराए गए लोगों के समर्थन में बात की गई, जिस पर सरकार को जवाब देना होगा।
वहीं, कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खड़गे के सुभाष चंद्र बोस और सावरकर संबंधी बयानों पर टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने कहा कि प्रियांक खड़गे ने सही कहा है और बीजेपी इतिहास व शिक्षा व्यवस्था बदलना चाहती है। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान की भी आलोचना की।
कीर्ति आजाद ने राष्ट्रीय ध्वज को लेकर अतीत की कुछ घटनाओं का दावा करते हुए कार्रवाई की मांग की और कहा कि वह प्रियांक खड़गे के बयान का समर्थन करते हैं।
टीएमसी के बागी सांसदों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ये बागी नहीं बल्कि गद्दार हैं, और जो लोग टीएमसी के साथ गद्दारी कर रहे हैं, स्पीकर द्वारा अलग मान्यता न दिए जाने के बावजूद उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
