अलीगढ़ कांग्रेस में उठापटक: महानगर अध्यक्ष ने क्यों नहीं उठाया शिक्षा माफिया का मुद्दा?

अलीगढ़ कांग्रेस में उठापटक: महानगर अध्यक्ष ने क्यों नहीं उठाया शिक्षा माफिया का मुद्दा?

अलीगढ़। स्थानीय युवा कांग्रेस नेता राजा भैया द्वारा शिक्षा माफियाओं के खिलाफ शुरू किये गए अभियान के बाद कांग्रेस में उठापटक शुरू हो गई है। अब कांग्रेस नेता एक दूसरे पर ही आरोप लगा रहे हैं।

इससे पहले कल राजा भैया ने महानगर अध्यक्ष द्वारा उनके यूथ कांग्रेस से निष्कासन को लेकर जारी किये गए पत्र को फ़र्ज़ी करार देते हुए महानगर कांग्रेस अध्यक्ष नवेद खान पर गंभीर आरोप लगाए थे। इतना ही नहीं राजा भैया ने पूर्व विधायक विवेक बंसल को मठाधीश बताते हुए उन पर कांग्रेस को कमजोर करने का आरोप भी लगाया।

राजा भैया ने कहा कि वे जनता से जुड़े मुद्दे उठाते हैं तो कांग्रेस के मठाधीशो को तकलीफ हो जाती है। उन्होंने कहा कि वे कांग्रेस में रहें या न रहें लेकिन जनता से जुड़े मुद्दे उठाते रहेंगे। राजा भैया ने पूर्व विधायक विवेक बंसल और महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पर शिक्षा माफियाओं से सांठगांठ करने और पैसे लेने के गंभीर आरोप भी लगाए।

वहीँ अब महानगर कांग्रेस अध्यक्ष नवेद खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राजा भैया पर नए आरोप जड़े हैं। नवेद खान का कहना है कि राजा भैया के निष्कासन से जुड़ा यूथ कांग्रेस का पत्र सही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजा भैया पहले आंदोलन करते हैं फिर पैसे लेकर समझौता कर लेते हैं। उन्होंने राजा भैया पर कांग्रेस की छवि ख़राब करने का संदेह भी जताया।

महानगर अध्यक्ष ने नहीं उठाई शिक्षा माफियाओं के खिलाफ आवाज़:

दरअसल राजा भैया का आरोप है कि कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष किसी मुद्दे पर आवाज़ नहीं उठाते, ये दोनों ही कांग्रेस के मठाधीश के इशारे पर उठते बैठते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा माफियाओं के खिलाफ महानगर अध्यक्ष या जिलाध्यक्ष ने एक बयान तक नहीं दिया।

राजा भैया ने कहा कि निजी स्कूलों में फीस की बढ़ोत्तरी और मंहगे होते कोर्स को लेकर उन्होंने सबसे पहले आवाज़ उठाई और वे इस मुद्दे पर लगातार अधिकारीयों को भी घेर रहे थे लेकिन स्थानीय कांग्रेस नेताओं को यह बुरा लगा। इसलिए उन्हें बदनाम करने और उनकी आवाज़ दबाने के लिए उनके कांग्रेस से निष्कासन का मुद्दा उछाल दिया गया और इसके लिए फ़र्ज़ी पत्र का सहारा लिया गया।

कुछ गंभीर सवाल ये भी हैं:

कांग्रेस में पिछले कुछ वर्षो से यह देखने में आया है कि जो भी महानगर अध्यक्ष या जिला अध्यक्ष बनकर आता है वह एक व्यक्ति विशेष पर निर्भर हो जाता है। स्थानीय मुद्दों पर भी कांग्रेस खामोश पड़ी रहती है। किसी भी तरह का प्रदर्शन अगर आयोजित होता है तो वह मैरिस रोड से शुरू होता है और सेंटर पॉइंट पर खत्म हो जाता है। क्या वजह है कि कांग्रेस शहर के एक इलाके तक सीमित होकर रह गई है ?

सवाल तो उठेंगे ही:

यहां सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं कि जिला अध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष स्थानीय मुद्दों को नज़रअंदाज करते रहे हैं। चाहे मुद्दा सड़क का, बिजली का हो, पानी का हो या हाउस टेक्स का? कांग्रेस कितनी बार सड़क पर उत्तरी है ये किसी से छिपा नहीं है। फ़िलहाल कांग्रेस गिने चुने चंद चेहरों के इर्द गिर्द सिमट कर रह गई है। ऐसे में 2027 के चुनाव में कांग्रेस की स्थिति क्या रहेगी ? इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।