बागी सांसदों को उन्ही के इलाको में जाकर काउंटर करेंगे उद्धव, ये बनाया प्रोग्राम

बागी सांसदों को उन्ही के इलाको में जाकर काउंटर करेंगे उद्धव, ये बनाया प्रोग्राम

उद्धव ठाकरे ने इन बागी सांसदों को उन्हीं के गढ़ में घेरने के लिए एक ‘काउंटर-प्लान’ तैयार किया है, जिसके तहत वे खुद बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करेंगे

मुंबई। शिवसेना (UBT) में छह लोकसभा सांसदों की बड़ी बगावत के बाद उद्धव ठाकरे बैकफुट पर जाने के मूड में बिल्कुल नहीं हैं।

साल 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत से सबक लेते हुए, इस बार उद्धव ठाकरे ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने इन बागी सांसदों को उन्हीं के गढ़ में घेरने के लिए एक ‘काउंटर-प्लान’ तैयार किया है, जिसके तहत वे खुद बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा करेंगे।

उद्धव ठाकरे के इस आक्रामक दौरे की शुरुआत रविवार शाम से मुंबई उत्तर-पूर्व (Bhandup और Kanjurmarg) से हो रही है, जो बागी सांसद संजय दीना पाटिल का इलाका है।

क्या है उद्धव ठाकरे का ‘काउंटर प्रोग्राम’?

पार्टी सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे केवल मातोश्री (अपने आवास) पर बैठकर रणनीति बनाने के बजाय सीधे जमीन पर उतर रहे हैं। उनका लक्ष्य बागी सांसदों के निर्वाचन क्षेत्रों में जाकर सीधे शिवसैनिकों (पार्टी कार्यकर्ताओं) और मतदाताओं से संवाद करना है।

“गद्दारों को शिवसैनिकों के समुद्र की सूनामी बहा ले जाएगी”

शनिवार को ‘स्थानीय लोकाधिकार समिति’ के एक कार्यक्रम में बोलते हुए उद्धव ठाकरे ने बागी सांसदों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा:

“आप लोग पीछे नहीं हटे, और न ही सरकार की तानाशाही के आगे झुके हैं। जहां भी अन्याय होगा, शिवसेना लड़ेगी। जो लोग पार्टी छोड़कर गए हैं, उनके लिए रोने का कोई मतलब नहीं है। गद्दारों को शिवसैनिकों के इस विशाल समुद्र में उठने वाली सूनामी अपने साथ बहा ले जाएगी।”

उद्धव ठाकरे ने धाराशिव के पार्टी पदाधिकारियों और विधायक कैलाश पाटिल के साथ मातोश्री पर बैठक भी की। उन्होंने पदाधिकारियों से कहा कि जो लोग पार्टी को धोखा दे चुके हैं, उन्हें भूलकर संगठन के काम में जुट जाएं। जो लोग लड़ने के लिए तैयार हैं, उन्हें साथ लेकर यह लड़ाई जारी रहेगी।

मतदाताओं से मांगेंगे माफी

शिवसेना (UBT) के पदाधिकारी रमेश कोरगांवकर ने बताया कि उद्धव ठाकरे इन क्षेत्रों में जाकर न केवल स्थानीय नेताओं और शाखा प्रमुखों से मिलेंगे, बल्कि जनता से भी संवाद करेंगे।

दरअसल, लोकसभा चुनाव 2024 में इन सांसदों ने उद्धव ठाकरे के प्रति उपजी सहानुभूति और महाविकास अघाड़ी (MVA) के वोट बैंक के दम पर जीत हासिल की थी। उद्धव ठाकरे इन क्षेत्रों के मतदाताओं के बीच जाकर इस बात के लिए माफी मांगेंगे कि उन्होंने गलत उम्मीदवारों को टिकट दिया, जिन्होंने जनता के भरोसे को धोखा दिया।

विपक्ष (शिंदे गुट) का दावा है कि ये सांसद कांग्रेस में यूबीटी के संभावित विलय के डर से पार्टी छोड़ रहे हैं। बहरहाल, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए उद्धव ठाकरे का यह ‘फील्ड विज़िट’ प्रोग्राम पार्टी संगठन को बिखरने से बचाने के लिए बेहद अहम साबित हो सकता है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।