नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2025 गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामले में तीन आरोपियों को जमानत रद्द करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दीं है। इस दर्दनाक अग्निकांड में 25 लोगों की जान चली गई थी।
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने बड़ा फैसला दिया है। कोर्ट ने नाइटक्लब के मालिकों सौरव लूथरा, गौरव लूथरा और उनके पार्टनर अजय गुप्ता को दो हफ्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है।
केस की जल्द सुनवाई का आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को मामले की सुनवाई तेज करने का आदेश दिया। 6 दिसंबर 2025 को गोवा के ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब हादसे में 25 लोग मारे गए थे।
8 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट ने तीनों आरोपियों की जमानत रद्द कर दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि निचली अदालत ने पुलिस जांच के सबूतों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया और यह सोचने में गलती की कि यह हादसा हत्या या डकैती जितना बड़ा अपराध नहीं था।
हाईकोर्ट द्वारा जमानत रद्द करने के मुख्य आधार
नाइटक्लब बिना जरूरी लाइसेंस के चल रहा था और उसका ढांचा भी गैरकानूनी था। आरोपियों को पता था कि बिना सुरक्षा इंतजामों के आग वाले स्टंट करना खतरनाक हो सकता है। गोवा सरकार की चुनौती के बाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा अप्रैल में दी गई जमानत को रद्द कर दिया।
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मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।