ब्रिक्स समिट के लिए छावनी में तब्दील हुआ दिल्ली, चप्पे चप्पे पर सुरक्षा, ज़मींन से आसमान तक सुरक्षा घेरे में रहेगी दिल्ली
नई दिल्ली: दिल्ली के भारत मंडपम में 12 और 13 सितंबर को होने वाले ब्रिक्स BRICS शिखर सम्मेलन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिसमें 11 सदस्य देशों और कई सहयोगी देशों के राष्ट्रप्रमुख हिस्सा ले रहे हैं।
साल 2026 में ब्रिक्स के 20 साल पूरे हो रहे हैं और भारत चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता कर रहा है, जो देश के लिए बेहद गर्व की बात है।
इस बार के सम्मेलन की थीम ‘मानवता को प्राथमिकता’ ह्यूमैनिटी फर्स्ट रखी गई है, जिसका मकसद आपसी सहयोग और नई तकनीक से दुनिया का बेहतर भविष्य बनाना है।
भारत की अध्यक्षता के इस लोगो में कमल का फूल और ‘नमस्ते’ का भाव दिखाया गया है, जो हमारी संस्कृति, एकता और परंपरा का प्रतीक है।।
12 सितंबर का पूरा कार्यक्रम
सम्मेलन के पहले दिन यानी 12 सितंबर को दोपहर 2 बजे सदस्य देशों के नेताओं का आगमन होगा। इसके बाद भारत मंडपम में ‘इन्क्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस एंड स्ट्रेंथनिंग मल्टीलैटरलिज्म’ विषय पर बंद सत्र होगा।
जिसमें वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। इसके बाद नेता ‘भारत इनोवेट्स’ प्रदर्शनी देखने जाएंगे और शाम को सामूहिक तस्वीर व संयुक्त पौधारोपण का कार्यक्रम होगा।
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ब्रिक्स सम्मेलन के पहले दिन का समापन पीएम मोदी द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा। दूसरे दिन, 13 सितंबर को सुबह 9:55 बजे से विदेशी नेताओं का आगमन शुरू होगा।
सामूहिक तस्वीर के बाद सुबह 10:50 बजे मुख्य सत्र शुरू होगा, जिसका विषय वैश्विक विकास का भविष्य है।
इस बैठक में रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शामिल होने की उम्मीद है। साथ ही, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, ईरान सहित कई देशों के नेता और यूएन महासचिव भी हिस्सा लेंगे।
ब्रिक्स सम्मेलन के लिए दिल्ली में भारी सुरक्षा
विदेशी मेहमानों की सुरक्षा के लिए दिल्ली में 30,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। वीआईपी मूवमेंट के कारण 11 से 13 सितंबर तक कई प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्ट रहेगा।
यातायात के दबाव को कम करने और आम जनता की सुविधा के लिए 11 सितंबर को दिल्ली में स्कूलों और कुछ सरकारी दफ्तरों में छुट्टी रखी गई है।
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