DUSU में ABVP का दबदबा, उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी की ऐतिहासिक जीत
नई दिल्ली: DUSU चुनावों में ABVP ने अपना दबदबा बनाए रखते हुए तीन बड़े पदों पर जीत हासिल की है। छात्र राजनीति की इस रेस में ABVP के यश डबास अध्यक्ष चुने गए है, जबकि रिया छाबड़ी को सचिव और लक्ष्यराज सिंह को संयुक्त सचिव के पद पर कामयाबी मिली है। इस बार कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI का खाता भी नहीं खुल सका।
हालांकि, सबसे चौंकाने वाला नतीजा उपाध्यक्ष पद पर आया, जहां NSUI से अलग होकर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने वाले दीपांशु शौकीन ने शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने DUSU के इतिहास में 17 साल बाद किसी निर्दलीय प्रत्याशी के न जीतने के सिलसिले को तोड़कर नया रिकॉर्ड बनाया है।
DUSU चुनाव में ABVP का दबदबा, NSUI को बागी तेवरों से नुकसान
एनएसयूआई के लिए यह चुनाव आपसी कलह, टिकट बंटवारे को लेकर हुई असहमति और भितरघात के कारण बेहद निराशाजनक रहा। संगठन के भीतर उपजे असंतोष के चलते कई बागी नेता मैदान में उतर गए, जिसका सीधा नुकसान पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशियों को उठाना पड़ा।
उपाध्यक्ष पद पर बागी तेवर अपनाकर निर्दलीय लड़ने वाले दीपांशु शौकीन ने एबीवीपी के ईशू मौर्य को बड़े अंतर से हराया, जबकि एनएसयूआई के आधिकारिक प्रत्याशी वीर चतरथ को नोटा से भी कम वोट मिले।
इसके अलावा, अध्यक्ष पद पर भी कड़े मुकाबले के बाद एबीवीपी के यश डबास ने एनएसयूआई के विजय शंकर मीणा को मात दी, जिससे एक बार फिर चुनाव में पारंपरिक समीकरणों का प्रभाव साफ नजर आया।
मतगणना की प्रक्रिया शनिवार सुबह आठ बजे शुरू हुई और कुल 20 राउंड की लंबी गिनती के बाद शाम चार बजे तक सभी परिणाम आधिकारिक रूप से घोषित कर दिए गए।
इसे भी पढ़ें: बीसीसीआई पर कसेगा शिकंजा सुप्रीम कोर्ट ने नए खेल कानून पर मांगा जवाब
शुरुआती रुझानों में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली, लेकिन जैसे-जैसे चरण आगे बढ़े, एबीवीपी ने अपनी बढ़त को मजबूत कर लिया।
इस चुनाव में नोटा (NOTA) ने भी एक नया रिकॉर्ड बनाते हुए सभी प्रमुख सीटों पर बड़ा असर डाला, क्योंकि चारों केंद्रीय पदों पर नोटा चुनने वाले कुल मतदाताओं की संख्या विजेताओं और निकटतम प्रतिद्वंद्वियों के बीच जीत-हार के अंतर से काफी अधिक दर्ज की गई।
DUSU चुनाव जीतने के बाद नए छात्र नेताओं ने यूनिवर्सिटी के माहौल और सुविधाओं को और बेहतर करने का वादा किया है। ABVP की तरफ से अध्यक्ष बने यश डबास और उनकी टीम ने साफ किया है कि उनका पूरा ध्यान कैंपस में छात्र-छात्राओं की सुरक्षा बढ़ाने, हॉस्टलों और PG की दिक्क्तों को दूर करने और खेलकूद की अच्छी सुविधाएं दिलाने पर रहेगा।
इस बड़ी सफलता पर ABVP के बड़े पदाधिकारियों ने इसे छात्रहित की जीत बताया है। वहीं दूसरी तरफ, चुनाव में पीछे रही NSUI के अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने बहुत कम अंतर से मिली इस हार क स्वीकार करते हुए कहा है कि वे अपनी कमियों को पहचानेंगे और आगे भी छात्रों के हक के लिए काम करते रहेंगे।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
