‘चुनाव आयुक्त कहाँ छिपे हैं?’: बीजेपी के मार्च पर तेजस्वी यादव का तीखा हमला
नई दिल्ली: वोट चोरी के आरोपों को लेकर राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन के जवाब में बीजेपी ने देशव्यापी ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ आंदोलन शुरू किया है। सत्ता पक्ष के इस पलटवार पर कटाक्ष करते हुए आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने सीधा हमला बोला और पूछा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कहां छिपाकर रखा गया है। विपक्ष का यह तीखा सवाल चुनाव निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए इस सियासी टकराव को और तेज कर देता है।
उन्होंने कहा कि वोटों की चोरी होने की बात अब किसी से छिपी नहीं है और दो चुनाव आयुक्तों द्वारा शिकायत किए जाने के बावजूद सवालों के जवाब नहीं दिए जा रहे हैं जबकि बीजेपी खुद अराजकता फैलाने वाली पार्टी है।
सीएम सम्राट चौधरी के क्राइम और अपराध को अलग-अलग बताने वाले बयान पर तेजस्वी ने चुटकी लेते हुए कहा कि यह बिहार के 14 करोड़ लोगों के लिए विडंबना है कि ऐसी जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को दी गई है जो क्राइम और अपराध को अलग-अलग मानते हैं।
मधुबनी की घटना का जिक्र करते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री को जनहित में हर गांव और गली में बड़े-बड़े वैधानिक चेतावनी बोर्ड लगवा देने चाहिए जिन पर लिखा हो कि बिहार पुलिस अपराधी प्रकृति की हो गई है और लोग अपनी सुरक्षा खुद करें क्योंकि अब जनता को अपराधियों से नहीं बल्कि पुलिस से अपनी जिंदगी बचानी पड़ रही है और रक्षक ही भक्षक बन चुके हैं।
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बिहार में बिगड़ती कानून-व्यवस्था को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मधुबनी और दरभंगा समेत पूरे प्रदेश में अपराधियों का हौसला इस कदर बढ़ गया है कि हत्या और दुष्कर्म जैसी घटनाएं रोज की बात हो गई हैं।
तेजस्वी का आरोप है कि पुलिस अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रही है, जिससे सुरक्षा का दावा करने वाले प्रशासन से आम जनता का भरोसा पूरी तरह उठ चुका है।
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