नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की नवनियुक्त अध्यक्ष एनालेना बारबॉक ने अपने भारत दौरे के दौरान वैश्विक व्यवस्था को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस ऐतिहासिक सत्र के लिए उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता UN चार्टर की रक्षा करना और अंतरराष्ट्रीय कानून को बनाए रखना है।
बारबॉक ने भारत को दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में पहचानते हुए कहा कि मल्टीलेटरलिज़्म (बहुपक्षवाद) को मजबूत करने के लिए भारत की निरंतर लीडरशिप और साझेदारी इस समय दुनिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और बहुपक्षीय व्यवस्था को समर्थन देने के लिए एक ‘क्रॉस-रीजनल अलायंस’ (क्षेत्र-पार गठबंधन) बनाने का आह्वान किया। बारबॉक के अनुसार, उनका भारत आना इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए भारत जैसे प्रभावशाली देशों का साथ मिलना अनिवार्य है।
संयुक्त राष्ट्र के सुधारों और वैश्विक शांति के प्रयासों में भारत की भागीदारी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होने वाली है। अध्यक्ष के अनुसार, उनका भारत आने का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी साझेदारी को मजबूती देना है जो अंतरराष्ट्रीय नियमों और लोकतांत्रिक मूल्यों के आधार पर दुनिया को एकजुट कर सके।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।