‘रात के अंधेरे में अखिलेश यादव से मिले ओपी राजभर के बेटे,

‘रात के अंधेरे में अखिलेश यादव से मिले ओपी राजभर के बेटे,

सपा नेता फखरुल हसन ने दावा किया है कि एनडीए गठबंधन में केवल ओम प्रकाश राजभर और उनके बेटे को ही टिकट मिलेगा, और उन्हें भी भाजपा के ‘कमल’ निशान पर ही चुनाव लड़ना पड़ेगा

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर द्वारा समाजवादी पार्टी (सपा) में टूट के दावों के बाद सपा और सुभासपा के बीच राजनीतिक वार-पलटवार बेहद तेज हो गया है।

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने राजभर पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें एक ‘मसखरा’ करार दिया और दावा किया कि एनडीए गठबंधन में केवल इस पिता-पुत्र (ओम प्रकाश राजभर और उनके बेटे) को ही टिकट मिल पाएगा, और वह भी उन्हें भाजपा के ‘कमल’ निशान पर लड़ना पड़ेगा।

सपा नेता ने आरोप लगाया कि राजभर अपनी और अपने बेटे की राजनीति बचाने के लिए अफवाहें फैला रहे हैं और उनका एक झूठा सूचना तंत्र काम कर रहा है। इसके साथ ही उन्होंने दावा किया कि राजभर ने चुनाव में टिकट दिलाने के नाम पर लोगों से जो मोटा एडवांस ले लिया है, वे अब उस अनपेक्षित दबाव से बचने की कोशिश कर रहे हैं।

सपा प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तंज कसते हुए लिखा कि झूठी सूचना, अफवाह और अति गंभीर मीडिया के कॉकटेल से एक मसखरे नेता की दुकान चल रही है।

उन्होंने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि अगर इतनी गंभीरता से जनता के मुद्दे उठाए जाते, तो विश्व प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक 2026 में भारत को 180 देशों की सूची में 157वां स्थान नहीं मिला होता।

उन्होंने सुभासपा के सपा में विलय का संकेत देते हुए बड़ा दावा किया कि ओम प्रकाश राजभर के बेटे अरुण राजभर ने रात के अंधेरे में बिना फोन किए काली कार से सपा मुखिया अखिलेश यादव से मुलाकात की थी।

इस दौरान जब अरुण ने सुभासपा के सपा में विलय का अनुरोध किया, तो अखिलेश यादव ने साफ कह दिया कि पहले 33 सीटों के नाम पर जिन-जिन लोगों से एडवांस लिया गया है उसे वापस करो, तभी विलय पर विचार किया जाएगा।

सपा ने सीधा आरोप लगाया है कि राजभर ने एनडीए में 30 सीटें मिलने की अफवाह फैलाकर टिकट बेचे हैं और अब सच सामने आने पर लोग अपने पैसे वापस मांग रहे हैं, जिससे ध्यान भटकाने के लिए राजभर लगातार सपा में बगावत की झूठी कहानियां गढ़ रहे हैं।

 


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।