पेपर लीक को लेकर पंजाब-हरियाणा में राजनीतिक घमासान, सैनी और सिसोदिया आमने-सामने

पेपर लीक को लेकर पंजाब-हरियाणा में राजनीतिक घमासान, सैनी और सिसोदिया आमने-सामने

पंजाब और हरियाणा में पेपर लीक के मुद्दे पर छिड़े सियासी घमासान में आप और भाजपा आमने-सामने हैं, जहाँ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आप नेताओं पर निशाना साधा है, वहीं पंजाब सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है

 

पंजाब: देश में परीक्षाओं के पेपर लीक होने की चर्चा एक बार फिर तेज हो गई है, जिसके चलते पंजाब और हरियाणा में राजनीतिक पार्टियों के बीच जमकर बहस और आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं।

आम आदमी पार्टी (AAP) और हरियाणा की भाजपा (BJP) सरकार इंटरनेट (सोशल मीडिया) से लेकर पत्रकारों के सामने (प्रेस कॉन्फ्रेंस) एक-दूसरे पर बड़े-बड़े आरोप लगा रही हैं।

इस पूरे झगड़े की मुख्य वजह युवाओं को मिलने वाली सरकारी नौकरियां और उनके भविष्य से जुड़ी परीक्षाएं हैं।

विवाद की शुरुआत आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा द्वारा हरियाणा सरकार पर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाने से हुई।

उन्होंने दावा किया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में 30 से ज्यादा भर्ती परीक्षाएं पेपर लीक या अन्य अनियमितताओं के कारण विवादों में रहीं, जिसके चलते ग्राम सचिव, क्लर्क, पटवारी, पुलिस कांस्टेबल, एचटीईटी, टीजीटी, नायब तहसीलदार और आबकारी निरीक्षक समेत कई भर्तियों पर सवाल उठे और परीक्षाएं रद्द करनी पड़ीं।

AAP का कहना है कि इन घटनाओं से उन लाखों युवाओं को भारी नुकसान हुआ है जिन्होंने नौकरी के लिए सालों मेहनत की, क्योंकि परीक्षा रद्द होने और लंबी जांच से उनका समय, पैसा और भविष्य प्रभावित हुआ है।

इन आरोपों का जवाब देते हुए हरियाणा भाजपा ने विपक्ष पर बेवजह भ्रम फैलाने का आरोप लगाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने बिना सिफारिश और रिश्वत के पूरी पारदर्शिता से लाखों युवाओं को नौकरियां दी हैं।

भाजपा का यह भी कहना है कि AAP हरियाणा के मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए झूठे आरोप लगा रही है और उसे पहले पंजाब में भर्ती प्रक्रिया, कानून-व्यवस्था और नशे जैसे मामलों पर जवाब देना चाहिए।

इस बीच, आप नेता मनीष सिसोदिया के पिछले बयानों को आधार बनाकर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर निशाना साधा है।

सीएम सैनी ने कहा कि कुछ दिन पहले सिसोदिया दावा कर रहे थे कि पंजाब में पेपर लीक होने पर शिक्षा मंत्री इस्तीफा देंगे, लेकिन अब फार्मेसी अधिकारी भर्ती परीक्षा को लेकर छात्रों के विरोध पर मनीष सिसोदिया और अरविंद केजरीवाल चुप हैं।

हालांकि, पंजाब सरकार ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने स्पष्ट किया कि राज्य में कोई पेपर लीक नहीं हुआ, बल्कि फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान कुछ अभ्यर्थियों द्वारा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से नकल करने की कोशिश का मामला सामने आया था जिस पर तुरंत सख्त कार्रवाई की गई।

उन्होंने नकल की इस घटना को पेपर लीक बताना गलत बताया।

फिलहाल, पेपर लीक का यह मुद्दा दोनों राज्यों में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बना हुआ है, जहां एक ओर विपक्ष युवाओं के भविष्य का सवाल उठा रहा है, वहीं सरकारें अपने दावों के साथ जनता को अपनी बात समझाने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में इसके और गर्माने के संकेत मिल रहे हैं।


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Mehak B