आबादी घटाने का नया तरीका, दिल्ली की नई वोटर लिस्ट पर केजरीवाल का सीधा वार
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली की नई वोटर लिस्ट को लेकर चुनाव आयोग पर तंज कसा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि दिल्ली में 47 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम हटा दिए गए है, जिसका मतलब है कि हर 3 में से 1 वोटर का नाम गायब है।
केजरीवाल ने मजाक उड़ाते हुए आरोप लगाया कि अगर ऐसा ही चलता रहा, तो चुनाव आयोग देश की आबादी को 140 करोड़ से घटाकर सीधे 50 करोड़ कर देगा।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर दावा किया है कि एसआईआर के तहत जारी दिल्ली की मसौदा मतदाता सूची में 1.5 करोड़ मतदाताओं में से 47 लाख लोगों के नाम गायब हैं।
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया
उन्होंने इस पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग इस प्रक्रिया के जरिए देश की आबादी को 140 करोड़ से घटाकर 50 करोड़ कर देगा।
‘आप’ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने को लेकर बीजेपी और चुनाव आयोग को आड़े हाथों लिया और इसे एक ‘लतीफा’ करार दिया। उन्होंने सवाल किया कि जिस दिल्ली की जनता ने बीजेपी को जिताने में अहम भूमिका निभाई, आज उसी जनता के एक बड़े हिस्से के वोट पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार दिल्ली में ‘गरीब भगाओ’ योजना चला रही है, जिसके तहत गरीबों के मुफ्त इलाज, दवाइयों, मोहल्ला क्लीनिक, महिलाओं की मुफ्त बस यात्रा और झुग्गियों पर बुलडोजर जैसी कार्रवाई कर उनके अधिकार छीने जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सरकार संपन्न इलाकों के मतदाताओं के सहारे सरकार चलाना चाहती है।
मतदाता सूची विवाद और प्रशासन का पक्ष
‘आप’ नेता ने कहा कि दिल्ली के युवाओं को राजनीतिक रूप से बहकाना आसान नहीं है और मतदाता सूची से कितने भी नाम क्यों न काट दिए जाएं, आने वाले चुनावों में दिल्ली की जनता बीजेपी को सत्ता से बाहर कर अपने अपमान का जवाब जरूर देगी।
दिल्ली में 30 जून से 17 अगस्त तक घर-घर जाकर वोटरों की गिनती की गई थी, इस सर्वे के बाद तैयार हुई नई शुरूआती लिस्ट में करीब 97.5 लाख वोटरों के नाम शामिल किए गए है। दिल्ली के कुल 1.45 करोड़ वोटरों में से लगभग 67.22% लोगों के फॉर्म ही डिजिटल सिस्टम में दर्ज हो पाए। बाकी बचे शेष करीब 47 लाख लोगों के नाम इस लिस्ट में नहीं है, क्योंकि वे या तो घर पर नहीं मिले, दूसरी जगह चले गए, उनकी मौत हो गई, या उनके नाम दो बार दर्ज थे।
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