अफ़सोस की बात कि भगवान के नाम के चढ़ावे की भी चोरी हो रही: अबू आसिम आज़मी

अफ़सोस की बात कि भगवान के नाम के चढ़ावे की भी चोरी हो रही: अबू आसिम आज़मी

मुंबई। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दानपात्र की धनराशि में कथित गबन के मामले पर उत्तर प्रदेश से लेकर महाराष्ट्र तक की सियासत पूरी तरह सुलग उठी है।

इस गंभीर मुद्दे और शिवसेना (UBT) के सांसदों के बागी तेवरों से जुड़े ‘ऑपरेशन टाइगर’ पर महाराष्ट्र समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और विधायक अबू आसिम आज़मी ने केंद्र और राज्य की भाजपा नीत सरकारों पर तीखा हमला बोला है।

मुंबई में मीडिया कर्मियों से बात करते हुए आज़मी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सत्तापक्ष केवल राजनीति के लिए भगवान राम के नाम का इस्तेमाल करता है, जबकि ज़मीनी हकीकत भ्रष्टाचार और धनबल के नंगे नाच से जुड़ी हुई है।

“यह बेहद अफसोस की बात कि भगवान के नाम के चंदे की चोरी हो रही है”

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और प्रबंधन में वित्तीय हेराफेरी के आरोपों और इस पर गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच का हवाला देते हुए अबू आसिम आज़मी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।

उन्होंने कहा, “यह बेहद अफसोस की बात है कि भगवान राम के नाम पर श्रद्धा से दिए गए चंदे की चोरी हो रही है। यह सीधे तौर पर इस सरकार की नाकामी को दर्शाता है। शासन-प्रशासन में नीचे से लेकर ऊपर तक सब के सब भ्रष्ट हैं। ये लोग भगवान राम को सिर्फ और सिर्फ अपने राजनीतिक फायदे और नाम के लिए इस्तेमाल करते हैं, आस्था से इनका कोई लेना-देना नहीं है।”

आज़मी ने आगे कहा कि राम मंदिर देश के करोड़ों लोगों के लिए एक पवित्र पूजा स्थल है और उसकी मर्यादा बनी रहनी चाहिए। वहां से चढ़ावे का गायब होना एक बेहद गंभीर मामला है और इस पूरे गबन की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जानी चाहिए।

ऑपरेशन टाइगर पर पलटवार: “यह सब सिर्फ पैसे का खेल है”

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना के छह लोकसभा सांसदों के बागी रुख अपनाने और इस पूरे दलबदल के पीछे परदे के पीछे चल रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के दावों पर भी सपा नेता ने सत्तापक्ष को आड़े हाथों लिया।

आज़मी ने दो टूक शब्दों में कहा, “धनबल की राजनीति”

“मीडिया में जिस ‘ऑपरेशन टाइगर’ की बातें हो रही हैं, वह कुछ और नहीं बल्कि शुद्ध रूप से पैसे का खेल है। वर्तमान सरकार अपनी बेहिसाब दौलत और सरकारी एजेंसियों की ताकत दिखाकर किसी भी नेता या जनप्रतिनिधि को आसानी से तोड़ सकती है।”

लोकतंत्र की सरेआम हत्या: उन्होंने आरोप लगाया कि जनमत को धनबल और सत्ता के रसूख से पलटना महाराष्ट्र की महान राजनीतिक परंपरा का अपमान है और यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।