आजम खान से मिलकर बोले अखिलेश- ‘रणनीति क्यों बताऊं, उम्मीदवारों की सूची देख लेना’
नई दिल्ली: लगभग एक साल बाद हुई अखिलेश यादव और आज़म खान की एक घंटे की मुलाकात ने यूपी चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी की मुख्य रणनीति तय कर दी है। इस अहम बैठक में दोनों बड़े नेताओ ने गठबंधन के साथियों के साथ सीटों के बंटवारे और मजबूत उम्मीदवारों के नामों पर गहराई से चर्चा की।
आजम खान की सलाह से विशेष रूप से मुस्लिम बाहुल्य सीटों के लिए एक ठोस चुनावी फॉर्मूला तैयार किया गया है, ताकि विपक्षी वोटों के बिखराव को रोका जा सके।
आजम खान की जेल में अहम मुलाकात
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीते बृहस्पतिवार को रामपुर पहुंचकर जिला जेल में आजम खान से लगभग एक घंटे की मुलाकात करने के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव के लिए पश्चिमी यूपी समेत पूरे प्रदेश के संभावित चेहरों, गठबंधन सहयोगियों के साथ सीटों के तालमेल, सांगठनिक तैयारियों और भाजपा को घेरने के मुद्दों पर गंभीर मंत्रणा हुई।
हालांकि मीडिया से बातचीत में अखिलेश ने इतना ही कहा कि सभी 403 सीटों और प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा हुई है, जबकि रामपुर सदर सीट पर संभावित उम्मीदवार के सवाल को उन्होंने यह कहकर टाल दिया कि लिस्ट जारी होने पर पढ़ लेना, जो कि राजनीतिक रूप से खासी अहमियत रखता है।
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क्योंकि इस सीट पर आजम खां खुद 10 बार जीत दर्ज कर चुके हैं और वर्तमान में यहां से भाजपा के आकाश सक्सेना विधायक हैं।
जेल में हुई इस मुलाकात को लेकर मीडिया के सवालों पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने साफ किया कि आजम खान ने उनसे चुनाव के लिए कोई सीट नहीं मांगी है।
अखिलेश ने बताया कि आजम खान ने पार्टी को मजबूत करने के लिए केवल कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं, जिन्हें उन्होंने पूरी तरह स्वीकार कर लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि आजम खान स्वस्थ हैं और वह उनके जल्द रिहा होने की कामना करते हैं, साथ ही उम्मीद जताई कि उन्हें बहुत जल्द अदालत से न्याय मिलेगा।
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