आक्रामक भीड़, वर्दी पर वार क्या हाईजैक हुआ जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन
जंतर-मंतर पर छात्रों का प्रदर्शन बाहरी असामाजिक तत्वों की घुसपैठ के कारण हिंसक रूप ले चुका है, हालांकि पुलिस संयम बरत रही है और सरकार बातचीत के जरिए मामला सुलझाने के प्रयास में है
नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों का आंदोलन दिन-ब-दिन और अधिक उग्र रूप लेता जा रहा है। बुधवार शाम भी प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त झड़प हो गई, जिसमें दो एसीपी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए।
इस दौरान देर रात घायल जवानों से मिलने के लिए दिल्ली पुलिस के स्पेशल सीपी (लॉ एंड ऑर्डर) देवेश चंद्र श्रीवास्तव डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल पहुंचे और उनका हाल जाना।
रातभर चले भारी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस और आरएएफ की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर इलाके में सुरक्षा और बैरिकेडिंग सख्त कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस छात्र प्रदर्शन को अब बाहरी असामाजिक तत्वों ने पूरी तरह हाईजैक कर लिया है, जो छात्रों की आड़ में भीड़ में घुसकर नुकीले पत्थरों और बोतलों से पुलिस बलों पर हमला कर रहे हैं।
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हालांकि, सरकार की तरफ से बातचीत का रास्ता खुला रखने और सख्ती न बरतने के निर्देश के चलते सुरक्षा बल बेहद संयम से काम ले रहे हैं।
दूसरी ओर, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज को बेहद बेरहम बताते हुए दोषी अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की बात कही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके आंदोलन का 34वां दिन है और मांगों के पूरे होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। हालांकि, सोनम की भूख हड़ताल के 26वें दिन प्रवेश करने पर उनकी बिगड़ती सेहत को देखते हुए दिपके ने उनसे अनशन समाप्त करने की अपील भी की है।
हिंसा के आरोपों को खारिज करते हुए दिपके ने दावा किया कि पिछले एक महीने में कोई अप्रिय घटना नहीं हुई थी, लेकिन अब आंदोलन को बड़ा होता देख सत्तारूढ़ दल द्वारा बाहर से असामाजिक तत्व भेजकर पथराव कराया जा रहा है ताकि उनके प्रदर्शन को बदनाम किया जा सके।
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