अहमदाबाद बम धमाके: दोषी तनवीर की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

अहमदाबाद बम धमाके: दोषी तनवीर की फांसी की सजा पर सुप्रीम कोर्ट की रोक

नई दिल्ली: सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2008 में हुए अहमदाबाद बम धमाकों के गुनहगार मोहम्मद तनवीर की फांसी की सजा के तामीर होने पर अंतरिम रोक लगा दी है।

जस्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस अपरेश कुमार सिंह की तीन जजों की खंडपीठ ने प्रतिबंधित संगठन इंडियन मुजाहिद्दीन IM से जुड़े तनवीर की अपील पर यह राहत दी।

तनवीर ने गुजरात उच्च न्यायालय के उस निर्णय को चुनौती दी है जिसमें इस आतंकी हमले के 38 मुजरिमों की मौत की सजा की पुष्टि की गई थी।

शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए निचली अदालत और हाई कोर्ट से केस से जुड़े सभी मूल दस्तावेज दस्तावेजी सबूत तलब किए हैं।

जेल अधीक्षक को 8 हफ्तों में रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

शीर्ष अदालत ने संबंधित जेल अधीक्षक को निर्देश दिया है कि वे 8 हफ्तों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपें। इस रिपोर्ट में जेल में रहने के दौरान तनवीर के काम आचरण और व्यवहार की जानकारी मांगी गई है।

कोर्ट ने जेल प्रशासन को यह भी आदेश दिया है कि किसी सरकारी अस्पताल से तनवीर का मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन कराया जाए और उसकी रिपोर्ट भी 8 हफ्तों में पेश की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़े सभी मूल रिकॉर्ड ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट से मंगाए हैं। इसके साथ ही गुजरात सरकार को 8 सप्ताह के भीतर प्रोबेशन अधिकारियों की रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद शहर लगातार बम धमाकों से दहल उठा था। महज 70 मिनट के भीतर हुए 21 सिलसिलेवार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया।

इस भयावह हमले में 56 बेगुनाह लोगों की जान चली गई थी, जबकि 200 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।