भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही थी: अखिलेश यादव
लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर दोहराया है कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के पक्षधर है और महिलाओं को हर हाल में आरक्षण का लाभ मिलना चाहिए।
एक कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “हम महिला आरक्षण के पक्ष में हैं, लेकिन जिस तरह भारतीय जनता पार्टी उस बिल में और चीजों को छुपा कर ला रही थी उसका विरोध था। सेंसस चल रहा है, सेंसस पूरा हो जाए, उसके बाद इस बात को आगे बढ़ाते तो शायद सब पक्ष में होते।”
उन्होंने कहा कि ये महिला आरक्षण बिल के बहाने परिसीमन लाना चाहते हैं। देश को पता होना चाहिए कि ये परिसीमन लाकर अपनी मर्जी से सीटें क्यों बढ़ाना चाहते हैं। असं और जम्मू कश्मीर के लोगों ने देखा कि किस तरह इन्होने अपनी मर्जी से निर्वाचन क्षेत्र बनाये हैं।
अखिलेश यादव ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी आपत्ति थी कई पहले जनगणना कराई जाए फिर महिला आरक्षण की बात की जाए। पूरे देश के बुद्धिजीवी जानते हैं कि महिला आरक्षण के खिलाफ विपक्ष नहीं है, जिस समय नारी शक्ति बिल आया था तो सबने समर्थन किया था। अब वो बिल एक्ट भी बन गया है।
इसे भी पढ़ें: ममदानी का यू-टर्न: ‘नेतन्याहू को गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं’
उन्होंने कहा कि “भाजपा इस बिल के माध्यम से महिलाओं की एकता में दरार डालकर उनको ठगना चाहती थी। भाजपा नारी को नारा बनाने की कोशिश कर रही थी।”
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपाई सोचते हैं कि समाज में जो महिलाएं पुरानी सोच की हैं उन्हें कम से कम अपने तरफ कर ले क्योंकि जागरूक सोच वाली कोई नारी भाजपा को वोट देने वाली नहीं है।”
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
