इसी सप्ताह में ईरान – अमेरिका के बीच समझौते पर हो सकते हैं हस्ताक्षर
क्या पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव अब खत्म होने की कगार पर है? अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे ने दुनिया भर में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति समझौता लगभग तय है और जल्द ही इस पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने को लेकर एक बड़ा समझौता लगभग अंतिम रूप ले चुका है।
व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में गुरुवार दोपहर मीडिया से बातचीत करते हुट्रंप ने कहा कि आने वाले कुछ दिनों में इस समझौते से जुड़े दस्तावेजों पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जा सकते हैं और यह कार्यक्रम संभवतः यूरोप में आयोजित होगा।
ट्रंप के अनुसार, इस समझौते का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि ईरान किसी भी परिस्थिति में परमाणु हथियार हासिल नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह अमेरिका की इस पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य रहा है।
ट्रंप ने यह बयान उस समय दिया जब कुछ घंटे पहले ही उन्होंने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई रोकने की घोषणा की थी और साथ ही उसके तेल उद्योग पर नियंत्रण की चेतावनी भी दी थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस समझौते के हस्ताक्षर समारोह में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस शामिल हो सकते हैं और यह कार्यक्रम यूरोप में इस सप्ताहांत होने की संभावना है।
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ट्रंप ने जानकारी दी कि दस्तावेज अंतिम रूप में हैं और यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि ईरान अब बातचीत के लिए अधिक इच्छुक नजर आ रहा है क्योंकि उसे हाल के घटनाक्रमों में काफी नुकसान उठाना पड़ा है।
उनके मुताबिक, यह समझौता न सिर्फ अमेरिका और ईरान बल्कि पूरे पश्चिम एशिया के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की वर्तमान नेतृत्व व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यावहारिक और बातचीत के लिए तैयार है।
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने इस समझौते के तहत परमाणु हथियार न रखने और न ही उसे हासिल करने पर सहमति जताई है, जिसे उन्होंने अपने प्रशासन की एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि इससे वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
इसके साथ ही ट्रंप ने यह भी दावा किया कि हाल के समय में समुद्री मार्गों पर कई गुप्त सैन्य कार्रवाइयां की गई हैं, जिनमें कुछ जहाजों को निशाना बनाया गया और इस दौरान ईरान की निगरानी क्षमताओं को भी नुकसान पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि समझौता होते ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोल दिया जाएगा, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति में सुधार होगा और तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिलेगी।
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