चंपारण में बाढ़ पीड़ितों का फूटा गुस्सा: घिरे नेता, सांसद जायसवाल की गाड़ी पर फेंका गोबर
बिहार: पश्चिम चंपारण में बाढ़ के संकट के बीच उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के समय बाढ़ राहत शिविर में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। बैरिया ब्लॉक के बाथना में बनाए गए शिविर का जायजा लेने पहुंचे चौधरी के सामने ही स्थानीय लोगों ने क्षेत्र के सांसदों और विधायकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया।
इस सरकारी दौर के दौरान सम्राट चौधरी ने प्रभावित इलाको का हवाई सर्वे भी किया और ‘पीएम श्री प्लस-2 हाई स्कूल’ में रह रहे बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर राहत कार्यों की समीक्षा की।
राहत शिविर में फूटा जनता का गुस्सा
पश्चिम चंपारण में बाढ़ पीड़ितों के राहत शिविर में स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब स्थानीय लोगों ने राहत व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की, जिसके बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और बीजेपी सांसद संजय जायसवाल को वहां से निकलना पड़ा।
मुख्यमंत्री के जाने के बाद भी स्कूल परिसर में तनाव बना रहा और जब पुलिस सांसद संजय जायसवाल को उनकी गाड़ी तक पहुँचाने लगी, तो आक्रोशित लोगों की भीड़ ने गाड़ी को घेरकर विरोध प्रदर्शन किया तथा कथित तौर पर उस पर गोबर फेंक दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई।
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इस घटना के बीच कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिसकर्मियों ने सांसद को सुरक्षित बाहर निकाला। पश्चिम चंपारण के कई इलाकों में गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है और निचले इलाकों में पानी घुसने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, जबकि प्रशासन द्वारा राहत और बचाव अभियान जारी है।
गंड़क नदी में अचानक बढ़े जलस्तर ने बाढ़ नियंत्रण टीमों की चिंताए बड़ा दी है। बागाह गेज पर नदी का जलस्तर अपने पिछले सभी रिकॉर्ड तोड़कर 91.25 मीटर तक पहुंच गया है जो 2024 के उच्चतम स्तर से 0.35 मीटर अधिक है। इस भारी जलभराव के कारण नदी के सुरक्षा बांधो पर भारी दबाव है और कई निचले रिहायशी इलाके पूरी तरह पानी में डूब गए है, जिसमे राहत और बचाव कार्यों में काफी रूकावट आ रही है।
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