‘युवा शक्ति को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए’: अन्ना हजारे ने किया ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का समर्थन

‘युवा शक्ति को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए’: अन्ना हजारे ने किया ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का समर्थन

अहमदनगर (रालेगण सिद्धि): देश में लोकपाल आंदोलन के जरिए सत्ता की चूलें हिला देने वाले वयोवृद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहे ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ अभियान को अपना समर्थन दिया है।

महाराष्ट्र के अपने पैतृक गांव रालेगण सिद्धि में पत्रकारों से बातचीत करते हुए अन्ना हजारे ने सरकार को नसीहत दी कि युवाओं के इस आक्रोश को हल्के में न लिया जाए।

उन्होंने कहा, “युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली शक्ति होती है। जब देश का युवा किसी मुद्दे पर खड़ा हो रहा हो, तो सरकार को उसे नजरअंदाज करने के बजाय प्रोत्साहित करना चाहिए और उनकी बात सुननी चाहिए।”

नाम भले ही अजीब, पर इसके पीछे युवाओं का दर्द: अन्ना हजारे

अन्ना हजारे ने माना कि पार्टी का नाम थोड़ा अजीब या अनुपयुक्त लग सकता है, लेकिन इसके पीछे छिपा संदेश बहुत गहरा है।

उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि किस संदर्भ में युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहा गया, लेकिन आज देश के करोड़ों युवा अगर इस नाम के पीछे एकजुट हो रहे हैं, तो हमें इसके पीछे के कारण को समझना होगा। यह आंदोलन युवाओं के भीतर छिपे असंतोष, बेरोजगारी और व्यवस्था के खिलाफ उनके गुस्से का प्रतीक है।”

इस दौरान अन्ना हजारे ने देश और राज्यों में लोकपाल और लोकायुक्त कानून को पूरी तरह लागू न किए जाने पर भी चिंता जताई और संकेत दिए कि भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बार फिर बड़े आंदोलन की जरूरत आन पड़ी है।

क्या है ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) आंदोलन?

यह पूरा विवाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की एक कथित टिप्पणी के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने एक मामले की सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘समाज के परजीवी’ से कर दी थी (हालांकि बाद में सीजेआई ने सफाई दी कि उनके बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया और उनका इशारा फर्जी डिग्री लेकर वकालत में आने वालों की तरफ था)।

मुख्य न्यायाधीश की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया रणनीतिकार अभिजीत दिपके ने 16 मई 2026 को व्यंग्यात्मक रूप से ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की स्थापना कर दी।

करोड़ों युवा जुड़े: महज कुछ ही दिनों के भीतर इस ‘मीम आधारित’ आंदोलन के इंस्टाग्राम पेज पर 20 मिलियन (2 करोड़) से ज्यादा फॉलोअर्स हो गए, जिसने देश की कई बड़ी मुख्यधारा की राजनीतिक पार्टियों को भी पीछे छोड़ दिया।

अनोखा घोषणापत्र: इस डिजिटल पार्टी का घोषणापत्र पूरी तरह युवाओं की समस्याओं जैसे- बेरोजगारी, पेपर लीक, महंगाई और नेताओं के दल-बदल के खिलाफ केंद्रित है।

वांगचुक का भी मिला साथ:

अन्ना हजारे से पहले लद्दाख के मशहूर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने भी खुद को ‘मानद कॉकरोच’ बताते हुए इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया था।

अन्ना हजारे के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का अभियान और ज्यादा आक्रामक हो गया है, और इसे डिजिटल बगावत के एक बड़े रूप में देखा जा रहा है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।