भाजपा की नई टीम की घोषणा: स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी
नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने अपनी बहुप्रतीक्षित नई राष्ट्रीय संगठनात्मक टीम का आधिकारिक रूप से ऐलान कर दिया है, जिसे ‘टीम 2026’ के रूप में देखा जा रहा है।
नितिन नबीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए यह विश्वास जताया है कि अनुभव और युवा ऊर्जा से भरपूर यह पूरी टीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में संगठन को हर स्तर पर सशक्त बनाएगी।
उन्होंने कहा कि यह नई टीम अपनी पूरी क्षमता के साथ देश को आगे बढ़ाने और ‘विकसित भारत’ के बड़े संकल्प को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए समर्पित होकर काम करेगी।
पीयूष गोयल बने नए राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
नई कार्यकारिणी की घोषणा के साथ ही पार्टी ने संगठन के भीतर व्यापक स्तर पर बड़े बदलाव किए हैं, जिसमें अनुभवी वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने के साथ-साथ युवाओं और महिला चेहरों को भी भारी तवज्जो दी गई है।
इस नई संगठनात्मक टीम में सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की राष्ट्रीय राजनीति के मुख्य संगठन में धमाकेदार वापसी है, जिन्हें पार्टी का राष्ट्रीय महामंत्री (General Secretary) नियुक्त किया गया है।
उनके साथ ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भाजपा के बीच लंबे समय तक मजबूत समन्वय स्थापित करने वाले वरिष्ठ रणनीतिकार राम माधव की भी मुख्यधारा की राजनीति में वापसी हुई है और उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (Vice President) का अहम पद सौंपा गया है।
इसके अलावा वर्तमान मोदी सरकार में केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल को भारतीय जनता पार्टी का नया राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष (Treasurer) बनाकर संगठन के आर्थिक और रणनीतिक मोर्चे की बड़ी कमान दी गई है, जबकि राजेश मंगल को उनके साथ सह-कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पार्टी ने संगठन के कार्यप्रवाह में निरंतरता बनाए रखने के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए बीएल संतोष को उनके पद पर बरकरार रखा है, जिससे वे राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) के रूप में आगे भी काम संभालते रहेंगे, जबकि शिवप्रकाश और सौदान सिंह सह-संगठन महामंत्री के रूप में उनके साथ सहयोग करेंगे।
संगठन के बुनियादी ढांचे में इस बड़े फेरबदल के दौरान पार्टी की कोर टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों और 8 राष्ट्रीय महामंत्रियों की घोषणा की गई है।
इसे भी पढ़ें: मोदी की तारीफ पर शशि थरूर से नाराज कांग्रेस, मिल सकता है नोटिस
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की प्रतिष्ठित सूची में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत, पंजाब के कद्दावर नेता मनप्रीत सिंह बादल, बैजयंत जय पांडा, रेखा वर्मा, एम नागराजा, लाल सिंह आर्य, वर्षाबेन दोशी, मधुचंद्र और डॉ. तारिक मंसूर जैसे कई प्रमुख चेहरों को शामिल किया गया है।
भाजपा की नई राष्ट्रीय टीम घोषित
वहीं राष्ट्रीय महामंत्रियों की टीम में स्मृति ईरानी के अलावा त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लव देब, सुनील बंसल, विनोद तावड़े, गजेंद्र पटेल, सतीश पूनिया, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया जैसे बड़े जमीनी नेताओं को जगह मिली है, जो देश के अलग-अलग राज्यों में पार्टी के विस्तार के लिए रणनीतियां तैयार करेंगे।
हाल के समय में देश के भीतर युवाओं के मुद्दों और विभिन्न आंदोलनों के बीच उपजे राजनीतिक हालातों को देखते हुए भाजपा ने अपनी सोशल मीडिया और डिजिटल रणनीति में भी आमूलचूल परिवर्तन किया है।
पार्टी ने अपने पुराने आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय को इस टीम से पूरी तरह हटा दिया है और आईटी सेल के पुराने ढांचे को बदलकर अब एक नया ‘सोशल मीडिया विभाग’ बनाया है, जिसकी पूरी कमान छत्तीसगढ़ के दीपक म्हास्के को सौंपी गई है।
इसके साथ ही पार्टी की 16 सदस्यीय राष्ट्रीय मंत्रियों की सूची में केरल से के. सुरेंद्रन, उत्तर प्रदेश से डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव के अलावा अनिल एंटनी, कविता पाटीदार, संदीप पाठक, मनोज तिग्गा और रोहन गुप्ता जैसे नए और मुखर चेहरों को शामिल किया गया है।
युवाओं को अपने पाले में जोड़ने के उद्देश्य से गुजरात के युवा सांसद हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि छत्तीसगढ़ की रूप कुमारी चौधरी को महिला मोर्चे की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया है।
इसके अलावा सांसद अनिल बलूनी मुख्य मीडिया संयोजक के रूप में अपना काम जारी रखेंगे और आशीष उषा अग्रवाल, प्रदीप भंडारी तथा सिद्धार्थ यादव सह-संयोजक के तौर पर मीडिया विभाग को संभालेंगे।
रणनीतिक रूप से यह नई टीम साल 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात जैसे महत्वपूर्ण राज्यों के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के सामाजिक और जातिगत समीकरणों को साधने के लिए राज्य के ब्राह्मण और ओबीसी चेहरों को बहुत मजबूत प्रतिनिधित्व दिया गया है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
