दिल्ली में कल SIR के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन: चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे लोग

दिल्ली में कल SIR के खिलाफ बड़ा प्रदर्शन: चुनाव आयोग के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगे लोग

नई दिल्ली। मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में नागरिक अधिकार संगठनों, छात्र यूनियनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आंदोलन अब और तेज हो गया है।

SIR विरोधी अभियान से जुड़े विभिन्न संगठन कल राजधानी नई दिल्ली में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और मार्च करने जा रहे हैं। इस प्रदर्शन का आयोजन “People against SIR” ग्रुप ने किया है। बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन में सीजेपी फाउंडर अभिजीत दिपके, AISA की अध्यक्ष नेहा बोरा, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण के अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति भी शामिल होंगे।

यह प्रदर्शन देश के कई हिस्सों में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों से लाखों लोगों के नाम कथित तौर पर हटाए जाने, प्रक्रियात्मक गड़बड़ियों और पारदर्शिता की कमी के विरोध में आयोजित किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में इस पुनरीक्षण प्रक्रिया को तुरंत रोकना, हटाए गए पात्र मतदाताओं के नाम वापस जोड़ना और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है। इसके अलावा, आंदोलनकारी भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और सभी नागरिकों के लिए समान व पारदर्शी प्रक्रिया की मांग भी कर रहे हैं।

कल सुबह से ही सेंट्रल दिल्ली के जंतर-मंतर और रामलीला मैदान जैसे प्रमुख स्थलों पर लोगों के एकत्र होने का आह्वान किया गया है। इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों का एक दल निर्वाचन सदन स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय और सुप्रीम कोर्ट की ओर भी मार्च करने की योजना बना रहा है। आयोजकों का कहना है कि मतदान का अधिकार लोकतंत्र की नींव है और यदि प्रशासनिक लापरवाही के कारण आम नागरिकों को उनके वोट देने के अधिकार से वंचित किया जाएगा, तो जनता सड़कों पर उतरकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करेगी।

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। मध्य और नई दिल्ली जिले के संवेदनशील इलाकों, सरकारी इमारतों और मुख्य सड़कों पर बहुस्तरीय बैरिकेडिंग और चेकिंग बढ़ा दी गई है। ट्रैफिक पुलिस ने भी जनपथ, मंडी हाउस, संसद मार्ग और बाराखंबा रोड के आसपास संभावित ट्रैफिक जाम को देखते हुए यात्रियों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इसके साथ ही, सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पटेल चौक, जनपथ और केंद्रीय सचिवालय जैसे प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वारों को भी आवश्यकतानुसार नियंत्रित किया जा सकता है।

गौरतलब है कि आगामी चुनाव चक्रों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग द्वारा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) शुरू किया गया था। हालांकि, अधिकार समूहों और विपक्षी दलों द्वारा आरोप लगाए गए कि इस अभियान के तहत बिना किसी उचित जमीनी सत्यापन के बड़ी संख्या में लोगों के नाम काट दिए गए, जिससे आम जनता और समाज के कमजोर वर्गों पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ा है। पिछले कुछ हफ्तों से बढ़ रहे इस जनआक्रोश के बीच कल होने वाला यह प्रदर्शन SIR विरोधी आंदोलन का एक बड़ा पड़ाव माना जा रहा है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।