बंगाल शिक्षा घोटाला: कुलपतियों पर भी गिर सकती है गाज

बंगाल शिक्षा घोटाला: कुलपतियों पर भी गिर सकती है गाज

पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार व राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त करने और पूर्व टीएमसी शासन के दौरान हुई अनियमितताओं के लिए कुलपतियों तक पर कार्रवाई करने का संकेत दिया है

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल के उच्च शिक्षा मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय ने संकेत दिया है कि शिक्षा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार की जांच में विश्वविद्यालयों के कुलपतियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व शासन के दौरान हुई कथित अनियमितताओं के लिए यदि भविष्य में एक या दो कुलपतियों को प्रेसिडेंसी, दमदम या अलीपुर जैसी जेलों में देखना पड़े, तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं होनी चाहिए।

हालांकि मंत्री ने किसी विशिष्ट विश्वविद्यालय या कुलपति का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी इन टिप्पणियों को इस संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि सरकार कथित अनियमितताओं की जांच को केवल राजनीतिक अधिकारियों तक सीमित न रखकर उच्च शिक्षण संस्थानों के शीर्ष पदों तक बढ़ाना चाहती है।

यह बयान हाल के वर्षों में बंगाल के राजनीतिक परिदृश्य पर हावी रहे विभिन्न भर्ती और शिक्षा संबंधी घोटालों की पृष्ठभूमि में आया है, जिसमें स्कूल नौकरियों के घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी भी शामिल है।

राज्य में भाजपा सरकार ने उच्च शिक्षा क्षेत्र में कथित भ्रष्टाचार को लेकर पूर्व टीएमसी सरकार पर हमला तेज कर दिया है।

मंत्री चट्टोपाध्याय के अनुसार, राज्य सरकार का सर्वोपरि उद्देश्य शैक्षणिक संस्थानों से भ्रष्टाचार का खात्मा करना और राजनीतिक प्रभाव को पूरी तरह समाप्त करना है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल की शिक्षा प्रणाली का राजनीतिकरण वाम मोर्चे के 34 साल के शासनकाल के दौरान शुरू हुआ था, जो टीएमसी के 15 साल के शासनकाल में और भी बिगड़ गया, जहां योग्यता की बलि देकर शैक्षणिक उत्कृष्टता की कीमत पर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया।

मंत्री ने निजीकरण की आड़ में फार्मेसी, बी.एड, आईटीआई और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के ‘डिग्री की दुकानें’ बन जाने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार किसी भी नए निजी संस्थान को मंजूरी देने से पहले पिछले 15 वर्षों में स्थापित हुए संस्थानों का व्यापक ऑडिट और निरीक्षण करेगी।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के हवाले से उन्होंने साफ किया कि जब तक ये ऑडिट पूरे नहीं हो जाते, तब तक किसी भी नई मंजूरी को जारी नहीं किया जाएगा।

इसके अलावा, परिसरों में छात्र चुनाव कराने के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब परिसरों में छात्र मौजूद हों, क्योंकि वर्तमान में तात्कालिक चुनौती राज्य द्वारा संचालित कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के उस शैक्षणिक आकर्षण को बहाल करना है, जिनमें हाल के वर्षों में नामांकन में भारी गिरावट देखी गई है।


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Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।