सावधान! जनगणना से दूरी पड़ेगी भारी; ₹1000 जुर्माना और 3 साल की जेल का है प्रावधान

सावधान! जनगणना से दूरी पड़ेगी भारी; ₹1000 जुर्माना और 3 साल की जेल का है प्रावधान

नई दिल्ली: आगामी जनगणना को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं और इस बार देश के प्रत्येक नागरिक और परिवार से जुड़ी विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी।

इस महाअभियान के तहत प्रगणक घर-घर जाकर भवन या जनगणना संख्या, मकान संख्या और मकान के निर्माण में लगी प्रमुख सामग्रियों जैसे फर्श में प्रयुक्त सीमेंट, ग्रेनाइट या मार्बल, दीवारों और छत की सामग्री की जानकारी दर्ज करेंगे।

इसके साथ ही मकान का उपयोग आवासीय है। या व्यावसायिक, मकान की वर्तमान स्थिति, परिवार क्रमांक और परिवार के कुल सदस्यों की संख्या का विवरण भी लिया जाएगा।

जनगणना प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए परिवार के मुखिया का नाम, उनका लिंग, वर्ग या जाति श्रेणी जैसे सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग की जानकारी भी मांगी जाएगी।

इसके अतिरिक्त मकान के स्वामित्व की स्थिति, उपलब्ध कमरों की संख्या, परिवार में विवाहित दंपतियों की संख्या, पेयजल का मुख्य स्रोत और उसकी उपलब्धता, बिजली आपूर्ति का स्रोत, शौचालय की उपलब्धता व उसका प्रकार, गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था और स्नानघर की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।

सरकार इस बार नागरिकों के जीवन स्तर को समझने के लिए आधुनिक सुख-सुविधाओं और संपत्तियों का डेटा भी एकत्र कर रही है। इसमें गैस कनेक्शन की उपलब्धता, भोजन पकाने का मुख्य ईंधन, और रेडियो, टेलीविजन, इंटरनेट, लैपटॉप या कंप्यूटर, टेलीफोन या स्मार्टफोन जैसे संचार साधनों की उपस्थिति की जांच की जाएगी।

साथ ही परिवार के पास साइकिल, स्कूटर, मोटरसाइकिल, कार, जीप या वैन जैसे वाहनों की उपलब्धता, परिवार द्वारा उपयोग किया जाने वाला मुख्य अनाज और उनका मोबाइल नंबर भी रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।

इस बीच, दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ किया है कि जनगणना में हर किसी का शामिल होना अनिवार्य है और इसमें लापरवाही बरतने या शामिल न होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानकारी देने से मना करता है, तो प्रगणक पहले उन्हें समझाने और मनाने का प्रयास करेंगे। इसके बावजूद यदि कोई व्यक्ति जनगणना में हिस्सा लेने से पूरी तरह इनकार करता है, तो जनगणना अधिनियम, 1948 की धारा 11 के तहत कार्रवाई की जाएगी, जिसके अंतर्गत एक हजार रुपये के जुर्माने और दोष सिद्ध होने पर तीन साल तक की जेल का सख्त कानूनी प्रावधान है।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।