भरत तिवारी एनकाउंटर: गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों का अनशन

भरत तिवारी एनकाउंटर: गिरफ्तारी की मांग को लेकर परिजनों का अनशन

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरा कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद, पीड़ित परिवार और समाजसेवियों ने पुलिस पर अविश्वास जताते हुए संलिप्त पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज (9 जुलाई) से आमरण अनशन शुरू कर दिया है

 

भोजपुर: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में कथित रूप से शामिल पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर उनके परिजन और समाजसेवी आज (9 जुलाई) से आमरण अनशन पर बैठ रहे हैं।

परिवार अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर यह आंदोलन शुरू कर रहा है, जिसे देखते हुए बड़ी संख्या में लोग भरत भूषण तिवारी के गांव बिलौटी पहुंचने लगे हैं।

इससे पहले 8 जुलाई को पुलिस सुरक्षा के बीच भरत तिवारी की मां, बहन, भाभी और भाई को आरा सिविल कोर्ट लाया गया, जहां न्यायाधीश की मौजूदगी में उनके बयान दर्ज किए गए।

कोर्ट में बयान दर्ज कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में भरत तिवारी की मां ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है, लेकिन पुलिस पर नहीं। उन्होंने साफ किया कि परिवार को सिर्फ सुरक्षा नहीं, बल्कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और न्याय चाहिए।

उल्लेखनीय है कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में बीते 17 जून को एक पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत हो गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा बढ़ा दी है।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान भरत तिवारी की बहन पुष्पा कुमारी और मां आशा देवी ने जगदीशपुर के एसडीएम संजीत कुमार, तत्कालीन डीएसपी राजेश कुमार शर्मा, जगदीशपुर थाने के एसएचओ राजेश मालाकार, पुलिसकर्मी अंकित आर्यन, एसआई सच्चिदानंद यादव और एसटीएफ के जवान अक्षय कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।

उनका कहना है कि जब तक इन सभी के खिलाफ कार्रवाई कर इन्हें गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक उनका आमरण अनशन जारी रहेगा। हालांकि, परिजनों के इन आरोपों और मांगों पर संबंधित अधिकारियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

दूसरी ओर, भरत भूषण तिवारी के पिता काशी तिवारी ने अपने बेटे की मौत को लेकर बालू माफिया से जुड़े संबंधों का आरोप लगाते हुए भोजपुर पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

काशी तिवारी का आरोप है कि जब भोजपुर के एसपी उनके परिवार से मिलने घर आए थे, तब उनके साथ कथित तौर पर एक बालू कारोबारी भी मौजूद था। उन्होंने सवाल उठाया है कि ऐसी स्थिति में भोजपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं