CJP के प्रवक्ता: संसद में क्यों नहीं पूछे जाते युवाओ से जुड़े मुद्दे पर कोई सवाल
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता और प्रवक्ता सौरव दास ने रविवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा कि संसद के हालिया मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में युवाओं के विरोध प्रदर्शन से जुड़े जरुरी सवाल पूछने की अनुमति नहीं दी गई।
सौरव दास के अनुसार लोकसभा सांसद मैथेश्वरन वीएसने गृह मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय से जवाब मांगने के लिए तीन बार सवाल भेजे थे। इस सवालों के नोटिस नंबर 101799 और 101081 थे लेकिन सरकार ने संसद में इनका जवाब देने की मंजूरी नहीं दी।
सौरव दास ने दावा किया है कि नीट-यूजी 2026 के आवेदन शुल्क वापसी, सरकार पर घटते भरोसे, दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे युवाओं को पीने का पानी और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं न मिलने, तथा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार के कदमों से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल संसद में पूछने की अनुमति नहीं दी गई।
सौरव दास ने उठये संसद में ऐसे सवाल
उन्होंने बताया कि इसके लिए लोकसभा के नियम 41(2) की विभिन्न धाराओं का हवाला दिया गया, जिसे उन्होंने ‘बहुत अजीब’ और पूरी तरह जायज सवालों को रोकने का प्रयास बताया है। दास ने सवाल उठाया कि यदि संसद में ऐसे प्रश्न नहीं पूछे जा सकते, तो सरकार की जवाबदेही कहां तय होगी और विरोध प्रदर्शनों के जरिए जवाब मांगने की स्थिति क्यों बन रही है।
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इसके साथ ही, उन्होंने उन अहम हफ्तों के दौरान गृह मंत्री अमित शाह के संसद में उपस्थित न होने और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़े सवालों के जवाब न देने पर भी तीखे सवाल खड़े किए हैं।
सिटिजंस फॉर जस्टिस एंड पीस (CJP) के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है की संसद में सरकार से सवाल पूछना लोकतंत्र का सबसे जरुरी हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा की प्रश्नकाल इसलिए बनाया गया है ताकि मंत्रियो को जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों को जवाब देना पड़े। सौरव दास ने चेतावनी दी की अगर संसद में जनता की आवाज को दबाया युवाओ को नजरअंदाज किया गया तो लोगो को मजबूरन सड़को पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने साफ़ किया की संसद का काम सिर्फ सरकार की अधूरी नीतियों पर मुहर लगाना नहीं है।
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