सीएम मोहन यादव पर लगे ज़मीन घोटाले के आरोप पर श्वेत पत्र लाने और सीएम पद से इस्तीफा देने की मांग

सीएम मोहन यादव पर लगे ज़मीन घोटाले के आरोप पर श्वेत पत्र लाने और सीएम पद से इस्तीफा देने की मांग

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को लेकर कांग्रेस द्वारा किये गए खुलासे के बाद अब कांग्रेस ने राज्य की मोहन सरकार की घेराबंदी शुरू कर दी है।

बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव पर लगे ज़मीन घोटाले पर श्वेत पत्र लाने और इस मामले की जांच तक सीएम पद से मोहन यादव के इस्तीफे की मांग की है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेता प्रवीण पाठक ने कहा, “कांग्रेस की मांग है कि मध्य प्रदेश सरकार तुरंत एक श्वेत पत्र  जारी करे, जिसमें सारी जानकारी सार्वजनिक की जाए। अगर सरकार श्वेत पत्र जारी नहीं करती, तो सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में एक न्यायिक समिति का गठन किया जाए, जो पूरे घोटाले की जांच करे।”

उन्होंने कहा कि “जांच पूरी होने तक मुख्यमंत्री मोहन यादव को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह मांग दिल्ली में कांग्रेस की ओर से रखी गई है, ताकि भ्रष्टाचार की पूरी सच्चाई सामने आए और जनता को जवाब मिले।”

क्या हैं सीएम मोहन यादव पर ज़मीनो की खरीद फरोख्त से जुड़े आरोप :

इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और उनसे जुड़ी रियल एस्टेट कंपनियों ने दिसंबर 2023 (सीएम बनने के बाद) से दो साल में उज्जैन और आसपास 137 प्लॉट (कुल 168 एकड़) जमीन ₹45 करोड़ में खरीदी।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये जमीनें मुख्य रूप से उन इलाकों में हैं जहां सरकार की नई सड़क परियोजनाएं (उज्जैन-बड़नगर, उज्जैन-इंदौर हाईवे) और उज्जैन मास्टर प्लान 2035 के तहत कृषि से रिहायशी/वाणिज्यिक उपयोग में बदलाव होने वाले हैं।

सिंहस्थ कुंभ-2028 से पहले विकास कार्यों का फायदा उठाने का आरोप है। कुल परिवार की जमीन 2021-25 के बीच बढ़कर 335 एकड़ (245 प्लॉट) तक पहुंच गई, जिसमें पहले 2021-23 में ~85 एकड़ और बाद में 168 एकड़ शामिल।

परिवार के सदस्य और कंपनियां:

मोहन यादव के चचेरे भाई गोविंद यादव, नीलेश यादव, बेटा वैभव यादव, बहू आदि के नाम।

कंपनियां:

श्री सिद्धिविनायक डेवकॉन्स, मंगलमूर्ति इंफ्रा, श्रीअन्नपूर्णा इंटरप्राइजेज आदि। कुछ प्लॉट बाद में बेचे या बिल्डरों के साथ डेवलपमेंट के लिए दिए गए (जैसे गंगेडी क्षेत्र में हाउसिंग स्कीम)।

कांग्रेस की मांग:

श्वेत पत्र जारी हो, सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में न्यायिक जांच, और जांच पूरी होने तक मोहन यादव इस्तीफा दें। इसे “महाकाल भूमि लूट” कहा गया।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।