‘शुद्धीकरण’ के खिलाफ कांग्रेस सांसदों का पुलिस स्टेशन पर एक्शन, जीरो FIR की अर्जी खारिज
उत्तराखंड: हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद उस जगह को गंगाजल छिड़क कर ‘पवित्र’ करने का एक विवाद सामने आया है, इस घटना से कांग्रेस पार्टी के अंदर भारी गुस्सा है। पार्टी का मानना है कि यह हरकत सीधे तौर पर देश के दलित समाज और हमारे संविधान का अपमान है।
इसी विरोध में मंगलवार को कांग्रेस के करीब 20 SC-ST सांसद और बड़े नेता दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे, उन्होंने इस मामले में पुलिस से कड़ी शिकायत की है और मांग की है कि छुआछूत को बढ़ावा देने वाले इन लोगों पर SC-ST एक्ट के तहत तुरंत सख्त एक्शन लिया जाए।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने लिखित शिकायत देकर ‘श्री राम धर्मार्थ सेवा न्यास’ के अध्यक्ष गिरीश चंद्र पांडे और 15 अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह किया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 8 अगस्त को खड़गे की सभा के बाद 10 अगस्त को वहां यज्ञ और गंगाजल का छिड़काव किया गया, जो एक आपराधिक साजिश थी।
‘जीरो FIR’ से इनकार
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, यह ‘शुद्धीकरण’ कृत्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के अपमान तथा उन्हें नीचा दिखाने के उद्देश्य से किया गया था। वरिष्ठ नेता के. राजू ने बताया कि दो घंटे तक आग्रह करने के बावजूद थाना प्रभारी ने इस मामले में ‘शून्य एफआईआर’ दर्ज करने से इनकार कर दिया।
इसे भी पढ़ें: हिमाचल निकाय चुनाव: युवाओं को तरजीह देगी कांग्रेस, CM सुक्खू ने दिए संकेत
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कृत्य समानता और अस्पृश्यता उन्मूलन की संवैधानिक गारंटी के खिलाफ है, जिससे एससी-एसटी समुदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ एससी-एसटी अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दूसरी तरफ, हल्द्वानी के इसी विवाद और राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज हुई FIR के विरोध में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी प्रदर्शन चल रहा है। लखनऊ के इको गार्डन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन धरना आज आठवें दिन में प्रवेश कर चूका है, पार्टी के नेताओं का साफ कहना है कि सरकार की तानाशाही और अन्याय के खिलाफ उनकी यह लड़ाई तब तक नहीं रुकेगी, जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
