ज्ञानेश कुमार के खिलाफ असम में कांग्रेस का हल्लाबोल, गौरव गोगोई समेत कई नेता अंदर
नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए शुक्रवार को पूरे देश में आंदोलन किया। इस राष्ट्रव्यापी विरोध के तहत असम के गुवाहाटी में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया।
इस दौरान जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने आगे बढ़ने के लोए पुलिस के बैरिकेड्स को लांघने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया और हिरासत में ले लिया।
हिरासत में गोगोई
गुवाहाटी में पार्टी मुख्यालय ‘राजीव भवन’ से मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय की ओर एक मार्च निकाला गया था, जिसका नेतृत्व गौरव गोगोई कर रहे थे।
प्रदर्शनकारियों की योजना सीईसी ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंकने की थी, लेकिन राजीव भवन के पास लगाए गए पुलिस बैरिकेड्स को पार करने के प्रयास के दौरान पुलिस ने उन्हें रोक लिया और हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद गौरव गोगोई ने कहा कि पार्टी ने लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने और भारतीय लोकतंत्र पर हमले के खिलाफ चिंता प्रकट करने की योजना बनाई थी।
उन्होंने कहा, “यदि वे (बीजेपी) सोचते हैं कि हमें हिरासत में लेकर हमारा मुंह बंद करा सकते हैं तो उन्हें गलतफहमी है।” कांग्रेस नेताओं को बस में बैठाकर चौथी असम पुलिस बटालियन ले जाया गया, इस दौरान उन्होंने “बीजेपी वापस जाओ” और “ज्ञानेश कुमार को गिरफ्तार करो” के नारे लगाए।
इसे भी पढ़ें: 2002 के बाद आए लोगों को CAA से मिलेगी नागरिकता और वोट का अधिकार: सुवेंदु अधिकारी
कांग्रेस प्रवक्ता बेदव्रत बोरा ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। इस दौरान गोगोई के साथ कांग्रेस सचिव मनोज चौहान, सेवा दल के अध्यक्ष दीप बयान और प्रदेश कांग्रेस महासचिव उदित भानु दास समेत कई अन्य नेताओं को भी हिरासत में लिया गया।
यह पूरा विवाद ‘इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों-सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीनों के दौरान एसआईआर से जुड़े फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्तियां जताई थीं, जिन्हें अनसुना कर दिया गया।
हालांकि, निर्वाचन आयोग ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि एसआईआर से जुड़े सभी फैसले तीनों आयुक्तों की मंजूरी के बाद सर्वसम्मति से लिए गए थे।
कांग्रेस का कहना है कि नए खुलासों से राहुल गांधी की वे बातें सच साबित हो गई है, जिनमें उन्होंने चुनाव प्रणाली में गड़बड़ी का अंदेशा जताया था।
उनका आरोप था कि केंद्र की सत्ताधारी बीजेपी को फायदा पहुंचाने के लिए चुनावी मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। इसी बात से नाराज होकर कांग्रेस ने अब सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन छेड़ दिया है।
Discover more from
Subscribe to get the latest posts sent to your email.
