प्रयागराज, वाराणसी सहित प्रमुख जिलों में बीजेपी की प्लानिंग ध्वस्त करने की तैयारी में कांग्रेस-सपा

प्रयागराज, वाराणसी सहित प्रमुख जिलों में बीजेपी की प्लानिंग ध्वस्त करने की तैयारी में कांग्रेस-सपा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए भले ही अभी सपा और कांग्रेस के गठबंधन और सीटों के बंटवारे का आधिकारिक एलान नहीं हुआ हो लेकिन इस बार सपा और कांग्रेस कई बड़े जनपदों में बीजेपी को धूल चटाने की तैयारी कर रहे हैं।

सूत्रों की माने तो सपा और कांग्रेस के बीच चल रही बातचीत के दौरान प्रदेश के बड़े जनपदों में गठबंधन के तहत मजबूत प्रत्याशी उतारने पर जोर दिया गया। सूत्रों ने कहा कि वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, सोनभद्र, आजमगढ़, जौनपुर, बस्ती, भदोई, गाज़ीपुर और मिर्ज़ापुर जिले में समीकरणों के आधार पर मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारा जाएगा।

सूत्रों ने कहा कि पिछले चुनाव में बीजेपी के दुर्ग बने जिलों के लिए सपा और कांग्रेस खास रणनीति के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है। दरअसल, सपा की नज़र बीजेपी के सहयोगी दलों पर है। सूत्रों ने कहा कि जिन सीटों पर बीजेपी के सहयोगी दलों के उम्मीदवार मैदान में सीटों पर सपा कांग्रेस गठबंधन अपनी राह आसान मानकर चल रहा है।

सूत्रों ने कहा कि यदि बीजेपी भी इस बार ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा को गठबंधन में 18 या उससे अधिक सीटें देती हैं तो सपा-कांग्रेस गठबंधन इन सीटों को आसानी से फतह कर सकता है। यही कारण भी है कि कई मौको पर अखिलेश यादव को यह कहते सुना गया है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा का सपा के साथ गठबंधन था और उसे 18 सीटें दी गई थीं। इस चुनाव में सुभासपा का बीजेपी के साथ गठबंधन है तो इसलिए बीजेपी को चाहिए कि वह सुभासपा को दूनी सीटें दे।

बीजेपी के सहयोगी दलों को ज़्यादा सीटें देने की वकालत वाले अखिलेश के इस बयान को लोग भले ही तंज कसने के तौर पर ले रहे हों लेकिन अखिलेश के इस बयान के पीछे की हकीकत कुछ और ही है।

सूत्रों ने कहा कि यदि बीजेपी अपने सहयोगी दलों रालोद, सुभासपा, निषाद पार्टी, अपना दल (एस) को गठबंधन के तहत कुल 80-90 सीटें तक देती है तो इन सीटों पर सपा कांग्रेस गठबंधन की लड़ाई आसान हो जाएगी और यही से सपा कांग्रेस की सरकार बनने का रास्ता तय होगा।

गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में सुभासपा और रालोद का समाजवादी पार्टी से गठबंधन था और गठबंधन में सुभस्पा को 18 सीटें और राष्ट्रीय लोकदल को 33 सीटें मिली थीं। अब ये दोनों दल एनडीए में हैं। वही पिछले चुनाव में निषाद पार्टी और अपना दल(एस) एनडीए में थे और इस बार भी वे एनडीए में ही हैं। पिछले चुनाव में निषाद पार्टी को 15 सीटें और अपना दल (एस) को 17 सीटें मिली थीं।


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।