बकरीद पर DU में एग्जाम पर ओवैसी ने उठाये सवाल
“दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) द्वारा बकरीद (ईद-उल-अजहा) के दिन परीक्षा आयोजित करने पर असदुद्दीन ओवैसी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को घेरा है। ओवैसी ने इसे मुस्लिम छात्रों के साथ भेदभाव और असंवेदनशीलता करार दिया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट…”
नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में से एक, दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) एक बार फिर विवादों के घेरे में है। इस बार विवाद की वजह बकरीद (ईद-उल-अजहा) के पर्व के दिन यूनिवर्सिटी द्वारा परीक्षाओं का आयोजन करना है।
इस फैसले पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ी आपत्ति जताई है और दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
“क्या राष्ट्रीय त्योहारों पर भी परीक्षा कराएगी यूनिवर्सिटी?” – ओवैसी का तीखा हमला
असदुद्दीन ओवैसी ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस कदम को मुस्लिम छात्रों के प्रति असंवेदनशील बताते हुए सोशल मीडिया के जरिए अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। ओवैसी ने ट्वीट (X) कर यूनिवर्सिटी प्रशासन से सीधे सवाल पूछे।
ओवैसी ने अपने बयान में कहा, “ईद-उल-अजहा (बकरीद) एक प्रमुख धार्मिक त्योहार है और इस दिन राजपत्रित अवकाश (Gazetted Holiday) होता है। इस दिन परीक्षा आयोजित करने का दिल्ली यूनिवर्सिटी का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील है। क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन राष्ट्रीय त्योहारों या अन्य प्रमुख धार्मिक अवकाशों के दिन भी इसी तरह परीक्षा आयोजित करने की हिम्मत दिखाएगा?”
उन्होंने आगे कहा कि इस फैसले से मुस्लिम समुदाय के छात्रों और शिक्षकों को अपने परिवार के साथ त्योहार मनाने और धार्मिक कर्तव्यों को पूरा करने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ेगा।
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छात्र संगठनों ने भी खोला मोर्चा
ओवैसी के इस बयान के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के भीतर भी राजनीति गरमा गई है। कई छात्र संगठनों ने भी ओवैसी के सुर में सुर मिलाते हुए डीयू प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। छात्रों का कहना है कि त्योहार के दिन परीक्षा होने से वे मानसिक तनाव में हैं, क्योंकि उन्हें त्योहार और करियर में से किसी एक को चुनना पड़ रहा है। छात्रों ने मांग की है कि ईद के दिन होने वाली परीक्षाओं को स्थगित कर किसी अन्य तारीख पर पुनर्निर्धारित किया जाए।
डीयू प्रशासन का पक्ष: हालांकि, इस पूरे विवाद पर दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा का शेड्यूल पहले से तय था और सत्र को समय पर पूरा करने के दबाव के कारण कुछ परीक्षाएं इस दिन रखनी पड़ीं। हालांकि, बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय इस पर पुनर्विचार कर सकता है।
तुष्टिकरण और भेदभाव की राजनीति का आरोप
असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुद्दे को सीधे तौर पर समानता के अधिकार से जोड़ते हुए कहा कि देश के लोकतांत्रिक ढांचे में हर धर्म के त्योहार का सम्मान होना चाहिए।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और दिल्ली विश्वविद्यालय को परीक्षा की तारीख बदलने का निर्देश देने की मांग की है।
इस विवाद के बाद आने वाले दिनों में दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रदर्शन तेज होने की आशंका जताई जा रही है।
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