ईरान ने ठुकराई ट्रंप की 6 शर्तें, कहा- दबाव में नहीं झुकेंगे

ईरान ने ठुकराई ट्रंप की 6 शर्तें, कहा- दबाव में नहीं झुकेंगे

युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका ने शर्तें रखीं तो ईरान भड़क गया। तीखी प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के साथ कोई समझौता करने से इनकार कर दिया। ईरान ने साफ-साफ कहा है कि अमेरिका जिस तरह का रवैया अपना रहा है, उसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नई दिल्ली: ईरान ने युद्ध समाप्त करने और समझौता करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की छह शर्तों पर कड़ी नाराजगी जताई है।

हालांकि इन शर्तों के सामने आने के बाद ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उसने अपने रुख में ढील न देने के स्पष्ट संकेत दिए हैं और परमाणु मुद्दे पर किसी भी तरह के समझौते से साफ इनकार किया है।

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद गलिबाफ ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को अमेरिका की सुरक्षा गारंटी पर बिल्कुल भरोसा नहीं है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान अपनी मिसाइल क्षमता के कारण ही अब तक दबाव झेलने में सक्षम रहा है, इसलिए तेहरान केवल व्यावहारिक कार्रवाई के आधार पर ही कोई फैसला करेगा। जब तक अमेरिका की तरफ से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता, तब तक ईरान भी अपनी तरफ से पहल नहीं करेगा।

ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को टोल फ्री करने और अपने परमाणु कार्यक्रम को नष्ट करने की बात जरूर स्वीकार की है, लेकिन ये दोनों बातें मुख्य समझौते का हिस्सा नहीं हैं।

बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए ईरान ने अपनी शर्तें रखी हैं, जिसके तहत अमेरिका को तुरंत 12 अरब डॉलर की ईरानी संपत्तियों को डिफ्रीज करना होगा। इसके साथ ही लेबनान में पूरी तरह से युद्धविराम लागू करना होगा और हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायली सैन्य कार्रवाई पर रोक लगानी होगी।

ईरान का मानना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों में आधी सच्चाई और आधा झूठ है और यह जल्दबाजी में किए गए जीत के दावे जैसा है।

ईरान ने आपत्ति जताते हुए कहा है कि अमेरिका को उसके लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ईरानी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि वे अपने सभी फैसले केवल अपनी जनता के हितों और अधिकारों को ध्यान में रखकर लेते हैं और देश किसी भी बाहरी दबाव के आगे नहीं झुकेगा।

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान पर अंतिम फैसला लेने के लिए व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में जा रहे हैं, जहां से वैश्विक संकटों पर नजर रखी जाती है।

उन्होंने सोशल मीडिया पर अपनी तरफ से एकतरफा युद्ध समाप्ति की शर्तों की घोषणा की है। इन शर्तों के मुताबिक, ईरान को यह स्वीकार करना होगा कि उसके पास कभी भी परमाणु हथियार या बम नहीं होगा।

साथ ही होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलना होगा, जहां किसी भी प्रकार का टोल नहीं लिया जाएगा और दोनों दिशाओं से मालवाहक व सैन्य जहाजों को आने-जाने की अनुमति होगी।

ट्रंप की शर्तों में यह भी शामिल है कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में वाटर माइंस (समुद्री बम) मौजूद हैं, तो उन्हें अमेरिका द्वारा नष्ट किया जाएगा।

नाकेबंदी हटने के बाद वहां फंसे जहाज अब अपनी वापसी की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसके अलावा, संवर्धित यूरेनियम को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के सहयोग से नष्ट किया जाएगा।

अंतिम शर्त के तौर पर, फिलहाल किसी भी तरह के आर्थिक लेन-देन पर रोक रहेगी और ईरान की संपत्तियां तब तक डिफ्रीज नहीं की जाएंगी, जब तक कि आगे की सूचना जारी न हो जाए।

 


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।