धर्मेंद्र प्रधान को पद पर रहने का हक नहीं: केसी वेणुगोपाल
परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों को लेकर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है
नई दिल्ली: प्रतियोगी परीक्षाओं की साख और परीक्षाओं में धांधली को लेकर जारी विवाद के बीच कांग्रेस ने केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है।
कांग्रेस सांसद और एआईसीसी (AICC) के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने शिक्षा मंत्री के हालिया बयानों पर कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि जिस मंत्री के कार्यकाल में देश की प्रमुख परीक्षाओं पर भरोसा पूरी तरह डगमगा गया हो, उनके पास अब अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है।
वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर आरोप लगाया कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में पेपर लीक से लेकर सीबीएसई (CBSE) के मार्किंग सिस्टम, यूजीसी (UGC), नैक (NAAC) में अनियमिताओं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मनमानी नियुक्तियों तक, शिक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली संस्थाएं भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी हैं।
मंगलवार को राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत अन्य शीर्ष नेताओं के प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च करने और हिरासत में लिए जाने के बाद बुधवार को विपक्ष का विरोध और उग्र हो गया।
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विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर ‘काला दिवस’ मनाया और पुलिसिया कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला करार दिया।
दरअसल, मई 2026 में फर्जी डिग्री धारकों को लेकर हुई अदालती टिप्पणी के बाद रणनीतिकार अभिजीत दीपके और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के नेतृत्व में शुरू हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के छात्र आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और इंटरनेट बंदी ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय जन-आंदोलन में बदल दिया है।
तिरुवनंतपुरम, गुवाहाटी, जबलपुर और भुवनेश्वर तक फैली विरोध की लपटों के बीच विपक्ष ने साफ कर दिया है कि शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक संसद से सड़क तक लड़ाई जारी रहेगी।
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