ईडी ने वेदांता समूह के परिसरों पर छापा मारा है। यह रेड फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट के उल्लंघन से जुड़ी हैवेदांता की।शुरुआत एक कबाड कंपनी के रूप में हुई और अनिल अग्रवाल ने अपनी मेहनत से अब इसे 1,30,724.27 करोड़ रुपये का विशाल समूह बना दिया है।
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अग्रवाल के वेदांता समूह के कई ठिकानों पर मंगलवार को ताबड़तोड़ छापेमारी की है।
बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट (FEMA) के उल्लंघन से जुड़ी एक जांच के सिलसिले में की गई है।
फिलहाल ईडी के अधिकारी कंपनी के दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों को खंगाल रहे हैं और यह कार्रवाई अभी भी जारी है।
मालूम हो कि वेदांता लिमिटेड आज भारत की सबसे बड़ी बहुराष्ट्रीय माइनिंग, मेटल्स, ऑयल और गैस कंपनियों में से एक है, जो मुख्य रूप से जिंक, एल्युमीनियम, कच्चा तेल और लौह अयस्क का उत्पादन करती है।
वर्तमान में यह कंपनी अपने पूरे बिजनेस को अलग-अलग स्वतंत्र कंपनियों में बांटने (Demerger) की प्रक्रिया पर काम कर रही है।
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"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।