विदेश मंत्री एस. जयशंकर का चार देशों का दौरा आज से, पश्चिम एशिया में संपर्क बढ़ाने पर ज़ोर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पश्चिम एशिया में ऊर्जा व भारतीय हितों की रक्षा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अस्थायी सदस्यता के लिए भारतीय अभियान की शुरुआत और भारत-यूरोपीय संघ बैठक में भाग लेने के उद्देश्य से अपने बहुदेशीय दौरे की शुरुआत की है
नई दिल्ली: विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार से चार देशों का दौरा शुरू करेंगे, जिसके तहत वे कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान जाएंगे। इस यात्रा के दौरान वे इन देशों के विदेश मंत्रियों और शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे।
इस दौरे को पश्चिम एशिया में अपने अहम साझेदारों के साथ नई दिल्ली के लगातार संपर्क बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि ये देश भारत के लिए ऊर्जा के महत्वपूर्ण स्रोत हैं और यहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग भी रहते हैं।
विशेषकर ईरान-अमेरिका टकराव की वजह से पैदा हुई वैश्विक दिक्कतों से निपटने के लिए भारत ने पश्चिम एशिया से तेल और गैस की बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने की कोशिश तेज की है।
पश्चिम एशिया के इस दौरे के बाद विदेश मंत्री जयशंकर न्यूयॉर्क जाएंगे, जहां वे 13 जुलाई को साल 2028-29 के कार्यकाल के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता के वास्ते भारत के आधिकारिक अभियान की शुरुआत करेंगे।
इसके तुरंत बाद, वे 14-15 जुलाई को भारत-EU ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (TTC) की तीसरी मंत्री-स्तरीय बैठक में शामिल होने और यूरोपीय संघ (EU) तथा बेल्जियम के अपने समकक्षों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत करने के लिए ब्रुसेल्स रवाना होंगे।
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इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दो कैरिबियाई देशों की अपनी दो दिवसीय यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की। इस दौरान भारत और त्रिनिदाद और टोबैगो के बीच पर्यटन, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचे और आयुर्वेद जैसे क्षेत्रों में कुल आठ महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।
विदेश मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच त्रिनिदाद और टोबैगो के विदेश और कैरिकॉम मामलों के मंत्रालय की इमारत को सौर ऊर्जा से संचालित करने, वेक्टर कंट्रोल, और नेल्सन द्वीप (जहां शुरुआती दौर में भारतीय प्रवासी रुके थे) के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने को लेकर सहमति बनी है।
इसके साथ ही, वहां की ‘यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट इंडीज’ में आयुर्वेद पर एक ‘इंडियन चेयर’ स्थापित करने के लिए भी समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
अपनी इस कैरिबियाई यात्रा के दौरान डॉ. जयशंकर ने त्रिनिदाद और टोबैगो की प्रधानमंत्री कमला प्रसाद-बिसेसर और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर गंभीर चर्चा की।
इस दौरान उन्होंने पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की त्रिनिदाद और टोबैगो यात्रा के समय की गई घोषणाओं पर हुई प्रगति की विस्तृत समीक्षा भी की।
दोनों देशों के बीच हुई इन उच्च स्तरीय चर्चाओं में बुनियादी ढांचे, सुरक्षा, फोरेंसिक, स्वास्थ्य सेवा और क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
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