मंगेतर की खौफनाक साजिश: 5053 पन्नों की चार्जशीट में लोहगढ़ हत्याकांड का पूरा सच
नई दिल्ली: पुणे के लोहगढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी जिसका खुलासा 5,053 पन्नों की पुलिस चार्जशीट से हुआ है।
आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए कई मैसेज डिलीट कर दिए थे लेकिन साइबर फॉरेंसिक टीम ने 1,801 चैट का डेटा रिकवर कर लिया है। इसमें व्हाट्सएप की 11 महत्वपूर्ण बातचीत और ChatGPT पर की गई 81 सर्च सहित इंस्टाग्राम और स्नैपचैट का डेटा शामिल है।
साज़िश का खुलासा
पुणे पुलिस की जांच रिपोर्ट में केतन अग्रवाल हत्याकांड को लेकर एक और बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। चार्जशीट के मुताबिक 18 जून को जिस जगह से केतन को नीचे गहरी खाई में धक्का दिया गया था उसकी रेकी तैयारी मुख्य आरोपी सिया ने काफी दिन पहले ही कर ली थी।
वह 31 मई को केतन को घुमाने के बहाने लोहगढ़ किले लेकर गई। वहां प्राकृतिक नजारे और बांध का पानी दिखाने के बहाने उसने केतन को जानबूझकर चट्टान के बिल्कुल कोने पर खड़ा किया और पीछे से अलग अलग एंगल से उसकी कई तस्वीरें लीं।
पुलिस को पुख्ता शक है कि यह सब हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए किया जा रहा था ताकि खाई की गहराई का सही अंदाजा लगाया जा सके। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 18 जून से पहले14 जून को भी सिया ने केतन को लोहगढ़ की उसी चट्टान से नीचे धकेलने की कोशिश की थी लेकिन उस समय उसकी यह खौफनाक योजना कामयाब नहीं हो सकी थी।
जांच में आरोपियों की इंटरनेट सर्च हिस्ट्री से चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुख्य आरोपी सिया ने चैटजीपीटी से सलाह मांगी थी कि ‘पति की मौत के बाद दुख का नाटक कैसे रचा जाए और संवेदनाएं कैसे जताई जाएं’ इसके अलावा उसने गूगल पर सर्च किया था कि ‘क्या पुलिस मिटाई गई चैट ढूंढ सकती है।
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सस्पेंस फिल्मों से सीखी साजिश
हत्या की साज़िश रचने के लिए आरोपियों ने बदला और इत्तेफाक जैसी सस्पेंस फ़िल्मों और क्राइम पॉडकास्ट का सहारा लिया था। उन्होंने मेघालय के राजा रघुवंशी मर्डर केस की जानकारी भी इंटरनेट पर पढ़ी थी। पुलिस ने सुराग जुटाने के लिए 9,200 वीडियो खंगाले जिससे आरोपी वहां मौजूद अन्य पर्यटकों के कैमरों में कैद मिले।
चार्जशीट के अनुसार घटना से एक महीने पहले १६ मई को केतन अपनी एक पुरानी महिला मित्र के घर गया था । वहां उसने परेशान होकर सिया की शराब की लत पढ़ाई को लेकर बोले गए झूठ और अपने ऊपर बनाए जा रहे मानसिक दबाव का दर्द बयां किया था।
एक तरफ केतन अपनी मंगेतर सिया के 19 June के जन्मदिन के लिए महाबलेश्वर में 3 lakh रुपये खर्च कर 25 कमरे बुक कर रहा था, वहीं सिया उसकी हत्या की साजिश रच रही थी।
केतन ने 50,000 रुपये advance भी दिए थे लेकिन 18 June को लोहगढ़ से गिरकर हुई उसकी मौत के बाद सिया आखिरी बार उसे देखने तक नहीं आई। पुलिस ने चार्जशीट में ये पुख्ता digital सबूत जोड़े हैं।
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