पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ FIR, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

पूर्व सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ FIR, धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सनातन धर्म को लेकर दिए गए उनके एक पुराने कथित बयान पर सिलीगुड़ी में धार्मिक भावनाएं आहत करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पढ़ें पूरी खबर।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो और राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत करने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में एक आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज किया गया है।

यह एफआईआर उत्तर बंगाल के सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है।

क्या है पूरा मामला और क्यों दर्ज हुई FIR?

यह मामला स्थानीय वकील रिंकी चटर्जी सिंह की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक कार्यक्रम के मंच से कथित तौर पर सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणी की थी।

वकील रिंकी चटर्जी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है, “पूर्व मुख्यमंत्री ने सनातन हिंदू धर्म को लेकर “गंदा धर्म” (Dirty Religion) या घिनौना धर्म जैसे शब्दों का प्रयोग किया था।”

चुनावी रैलियों के दौरान उन्होंने कथित तौर पर ऐसे बयान दिए जो बहुसंख्यक समाज में डर पैदा करने और समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाने वाले थे।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस बयान से न केवल बंगाल बल्कि देश-दुनिया के करोड़ों सनातन प्रेमियों की धार्मिक आस्था और भावनाओं को गहरा आघात पहुंचा है।

“शिकायतकर्ता वकील का दावा है कि उन्होंने पहले भी इस मामले में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की थी, लेकिन तब पुलिस ने मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था। अब लगातार फॉलो-अप के बाद पुलिस ने आखिरकार मामला दर्ज किया है।”

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की इन गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ केस

सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की है कि इस मामले में शिकायत के आधार पर आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। ममता बनर्जी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की निम्नलिखित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है:

धारा 351(1): आपराधिक धमकी (Criminal Intimidation) के लिए।

धारा 352: शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान करना।

धारा 353(2): विभिन्न धार्मिक या भाषाई समूहों के बीच नफरत, दुश्मनी या द्वेष पैदा करने वाली अफवाहें या भड़काऊ बयान फैलाना।

राजनीतिक गलियारों में हलचल, TMC बनाम BJP

इस एफआईआर के बाद पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक पारा चढ़ गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस मुद्दे पर टीएमसी को घेरना शुरू कर दिया है। बीजेपी नेताओं का आरोप है कि टीएमसी लगातार तुष्टीकरण की राजनीति के लिए बहुसंख्यक समाज और सनातन धर्म को निशाना बनाती रही है।

दूसरी तरफ, तृणमूल कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने इस पर खुलकर बोलने से परहेज किया है, लेकिन अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि पार्टी इसे राजनीतिक प्रतिशोध से


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।