गहलोत का तीखा हमला: राहुल गांधी पर FIR को बताया बीजेपी के अहंकार की हद
नई दिल्ली: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राहुल गांधी पर केस दर्ज होने का कड़ा विरोध किया है, उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह कार्रवाई उनके घमंड और तानाशाही की हद है। गहलोत के मुताबिक, बीजेपी सरकार ऐसा करके यह दिखाना चाहती कि वह दलितों के खिलाफ छुआछूत और भेदभाव को जारी रखना चाहती है।
अशोक गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा
अशोक गहलोत ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुए छुआछूत के व्यवहार के खिलाफ राहुल गांधी द्वारा आवाज उठाने के कारण उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई दिखाती है कि बीजेपी चाहती है कि दलितों के साथ छुआछूत और भेदभाव जारी रहे, जबकि इसके खिलाफ आवाज उठाने वालों को परेशान किया जाए और उन्हें निशाना बनाया जाए।
अशोक गहलोत ने कहा कि कांग्रेस हमेशा छुआछूत और भेदभाव के खिलाफ मजबूती से खड़ी रही है। उन्होंने संविधान में छुआछूत के उन्मूलन और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि दलितों की सुरक्षा के लिए कांग्रेस सरकारों के दौरान कई कदम उठाए गए।
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गहलोत ने किया बीजेपी से सवाल
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि बीजेपी ने दलितों के हित में ऐसा कोई सार्थक कदम क्यों नहीं उठाया और आरएसएस ने छुआछूत खत्म करने के लिए कभी कोई अभियान क्यों नहीं चलाया? उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी न केवल दलितों के साथ होने वाले भेदभाव की अनदेखी करती है, बल्कि सक्रिय रूप से उसे संरक्षण और बढ़ावा भी देती है।
अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर देश के कानून और संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया है, और कहा कि भाजपा सरकार पीड़ित व्यक्ति को ही दोषी साबित करने में लगी है, जो बाबासाहेब आंबेडकर के नियमों के खिलाफ है। गहलोत ने भरोसा दिलाया कि मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी दलित समाज के हक के लिए हमेशा खड़ी रहेगी और उनके साथ होने वाले अन्याय का डटकर विरोध करेगी।
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