महंगाई की मारी जनता की जेब पर डिजिटल डाका डाल रही सरकार, खरगे ने मोदी सरकार को घेरा
नई दिल्ली: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने यूपीआई ट्रांजैक्शन पर शुल्क लगाने की खबरों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखी हमला बोला है। उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा की मोदी सरकार की लूट अब डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई तक पहुंच चुकी है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया की देश की जनता पहले से ही आसमान छूती महंगाई के कारण आर्थिक तंगी झेल रही है लेकिन संकट के इस समय में राहत देने के बजाय सरकार हर दिन आम आदमी की जेब से पैसे निकालने के नए-नए बहाने और तरीके तलाश रही है।
यूपीआई पर ‘डिजिटल टैक्स’: खरगे का सरकार पर बड़ा आरोप
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर आरोप लगाया है कि मोदी सरकार की लूट अब यूपीआई तक पहुंच गई है क्योंकि “नो फीस ऑन यूपीआई” नीति को बदलकर अब इसे केवल 2,000 रुपये तक के यूपीआई लेनदेन तक सीमित कर दिया गया है, जिससे गगनचुंबी महंगाई और लगभग 10% के करीब पहुंच चुकी थोक महंगाई से पहले ही खाली हो चुकी आम आदमी की जेब पर सरकार डिजिटल पेमेंट्स टैक्स लगाकर उनकी बची-कुची बचत को भी तबाह करने की योजना बना रही है।
और साथ ही उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि 10 साल पहले नोटबंदी के समय डिजिटल भुगतानों और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने का तर्क देने वाली सरकार के वित्त मंत्री ने हाल ही में संसद में जहाँ यूपीआई पर कोई टैक्स न लगने की बात कही थी, वहीं मीडिया खबरों के मुताबिक 5,000 रुपये के लेनदेन पर 25 रुपये और 10,000 रुपये पर 50 रुपये तक की संभावित वसूली की जा सकती है, क्या यह सच है।
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मल्लिकार्जुन खरगे ने MDR का जिक्र करते हुए सरकार की नियत पर गंभीर सवाल उठाए है। उन्होंने कहा की क्या सरकार इतनी नासमझ है की उसे यह नहीं पता की दुकानदारों पर मढ़ा जाने वाला यह अतिरिक्त चार्ज अंतत: सामानों की कीमते बढ़ाकर आम जनता से ही वसूला जाएगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने साफ़ शब्दों में आरोप लगाया की महंगाई की मार झेल रहे आम उपभोक्ता को किसी भी तरह की राहत देने के बदले केंद्र सरकार हर रोज जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के नए-नए हथकंडे अपना रही है।
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