गुवाहाटी। गुवाहाटी हाईकोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान असम की हिमंत बिस्वा सरमा सरकार को कड़ी फटकार लगाई। यह मामला मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एक एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें खेड़ा ने अपनी अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।
इतना ही नहीं सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार की ओर से जवाब दाखिल न करने और महाधिवक्ता (AG) की अनुपस्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की।
पवन खेड़ा की ओर से वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के सार्वजनिक बयानों पर सवाल उठाए और उन पर रोक लगाने की मांग की। खेड़ा का आरोप है कि कानूनी नोटिस के बावजूद मुख्यमंत्री विवादित बयान देना जारी रख रहे हैं।
बेंच ने सरकार के ढुलमुल रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस मामले में कम से कम जवाब तो दाखिल किया जाना चाहिए था। अब कोर्ट ने सरकार को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 28 मई के लिए तय की है।
गौरतलब है कि यह पूरा विवाद पवन खेड़ा द्वारा रिंकी भुइयां शर्मा पर कई पासपोर्ट और अघोषित विदेशी संपत्ति रखने के आरोपों के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई थी।
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"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।