वंदे मातरम’ के अपमान पर अब होगी जेल और जुर्माना राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ का अपमान करना या उसके गायन में बाधा डालना एक कानूनी अपराध बन गया है जेल या जुर्माने की सजा का प्रावधान किया गया है
नई दिल्ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को मंजूरी दे दी है, जिसके कानून बनने के बाद अब जानबूझकर राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालना या उसे रोकना एक गंभीर अपराध माना जाएगा। इस नए कानून के तहत ‘वंदे मातरम’ को वही कानूनी सुरक्षा और दर्जा प्राप्त हो गया है जो अब तक केवल राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ को हासिल था।
संसद के दोनों सदनों लोकसभा (30 जुलाई) और राज्यसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक अब राष्ट्रपति की सहमति से आधिकारिक रूप से कानून बन गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार, इस स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर ऐतिहासिक रूप से पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ गाया जाएगा।
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नए कानून और सजा का प्रावधान
पूर्ववर्ती कानून (राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971) के तहत केवल राष्ट्रगान के अपमान या उसमें बाधा डालने पर प्रतिबंध था, जिसके लिए अधिकतम तीन साल की कैद, जुर्माना या दोनों का प्रावधान था। अब नए संशोधन के बाद इस दायरे में ‘वंदे मातरम’ को भी शामिल कर लिया गया है।
गृह मंत्रालय के पहले के निर्देशों के अनुसार, जब राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत एक साथ बजाए जाएं, तो ‘वंदे मातरम’ के सभी छह श्लोक (जिनकी कुल अवधि 3 मिनट 10 सेकंड है) राष्ट्रपति के आगमन, ध्वजारोहण और राज्यपालों के भाषण जैसे प्रमुख आधिकारिक समारोहों में पहले गाए जाने का प्रावधान तय किया गया है।
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