नई दिल्ली: केंद्र सरकार के मंत्रियों की 23 और 24 सितंबर को होने वाली संभावित चिंतन बैठक पर कांग्रेस ने तीखा तंज कसा है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस पर निशाना साधते हुए कहा की असल में यह ‘चिंतन’ करने की नहीं, बल्कि सरकार की डूबती साख को बचाने के लिए की जा रही एक ‘चिता बैठक’ है।
कांग्रेस नेता रमेश द्वारा गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री द्वारा सभी केंद्रीय मंत्रियों की बैठक बुलाए जाने को लेकर यह दावा किए जाने पर कि सरकार को ऐसी अभूतपूर्व आलोचनाओं व सवालों का सामना करना पड़ रहा है जिनकी तीव्रता पहले कभी नहीं देखी गई।
उन्होंने संसद के मानसून सत्र का 35 दिन बीत जाने के बाद भी औपचारिक सत्रावसान न होने का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि गृह मंत्री अमित शाह 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में विपक्ष की एकजुटता के कारण सरकार को मिली हार का बदला लेने के लिए लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत जुटाने की कोशिश में अब भी लगे हुए हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने 17 अप्रैल की विधायी जीत को विपक्ष की ताकत का बड़ा उदहारण बताते हुए कहा की एकजुट होकर सरकार के मनमाने कानूनों को रोककर लोकतंत्र की रक्षा की गई। उन्होंने भरोसा जताया की सरकार द्वारा विपक्षी नेताओ को डराने या पार्टियां तोड़ने की तमाम कोशिशों के बावजूद विपक्ष का यह गठबंधन पूरी तरह अटूट रहेगा।
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संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं